कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में एडमिशन कराने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वालों की लोकेशन दिल्ली व गाजियाबाद में मिली है। एक टीम शहर से रवाना हो गई है। शुरु आती जांच में पता चला है कि आरोपी जो मोबाइल नंबर इस्तेमाल कर रहे हैं वह फेक आईडी पर हैं।
आशंका है कि प्रीएक्टिवेटेड सिमों का इस्तेमाल हो रहा है। वर्तमान में ये नंबर बंद हैं। अन्य नंबरों को ट्रेस कर सर्विलांस टीम ने आरोपियों के बारे में पुख्ता जानकारी जुटाई है। रुड़की निवासी महक सिंह सैनी से 27 लाख 23 हजार रुपये की ठगी जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के नाम पर की गई थी।
महक ने स्वरूप नगर थाने में कुणाल, अनुभव व कथित एचओडी मेडिकल कॉलेज के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। स्वरूपनगर पुलिस के मुताबिक वादी की तरफ से कुछ मोबाइल नंबर उपलब्ध कराए गए थे। उनकी पड़ताल से पता चला कि आरोपियों की लोकेशन दिल्ली व गाजियाबाद में है, इसलिए तत्काल एक टीम दिल्ली रवाना हो गई है। एसीपी स्वरूपनगर व्रजनारायण सिंह का कहना है कि कई पुख्ता सुराग मिले हैं, उस आधार पर तफ्तीश जारी है। जल्द आरोपी पकड़े जाएंगे।
पुणे के गिरोह से कनेक्शन तलाश रही पुलिस
पुलिस अफसरों ने बताया कि कुछ समय पहले पुणे में एक दर्जन छात्रों से करोड़ों की ठगी हुई थी। यह ठगी भी मेडिकल कॉलेज में दाखिले के नाम पर की गई थी। इसलिए पुणे पुलिस से संपर्क कर इस गिरोह के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। अगर उससे कोई कनेक्शन मिलता है तो तफ्तीश थोड़ी आसान हो जाएगी और आरोपी जल्द गिरफ्त में होंगे।
