इस बार भव्य रामोत्सव आयोजित किया जा रहा है। चैत्र नवरात्रि और रामनवमी तक परम्परागत कार्यक्रम चलने के कारण यह भव्य आयोजन 17 अप्रैल को तय हुआ है। वहां भव्य पुष्पक विमान बनने लगा है जिसमें कानपुर प्रांत के कन्नौज, फर्रुखाबाद, इटावा, औरैया, उरई, झांसी, ललितपुर, हमीरपुर, बांदा, चित्रकूट, फतेहपुर, महोबा समेत 21 जनपदों के 200 प्रखंडों की लगभग 8000 नगरीय-ग्रामीण बस्तियों व गांवों से आए हुए हजारों बच्चे प्रभु श्रीराम के स्वरूप, हनुमान के स्वरूप में विराजेंगे। यह विश्व इतिहास में पहला अवसर होगा जब जनमानस प्रत्यक्ष पुष्पक विमान में बैठे हुए प्रभु श्रीराम के स्वरूपों का दर्शन करेगा।
भव्य झांकियों समेत सेल्फी पॉइन्ट
पूज्य संतों समेत सनातन संस्कृति के विभिन्न आयामों, पंथो पूज्य संत भी समरसता मंच पर विराजेंगे। हिंदू समाज के विभिन्न पंथों की भी भव्य झांकियों समेत सेल्फी पॉइन्ट बनाए जा रहे हैं। महाराष्ट्र के युद्धक वाद्ययंत्रों के प्रदर्शन के साथ ही शिव गर्जना भी होगी। 21 लालित्य कलाओं का प्रदर्शन व 21 प्रतिभाओं का भी अलंकरण होगा। वायुयान से पुष्पवर्षा भी होगी। लाखों रामभक्तों के बैठने की व्यवस्था के लिए विशाल पंडाल को 20 ब्लॉकों में बांटा गया है।
यह है उद्देश्य
रामोत्सव का उद्देश्य है कि भारतवर्ष का बच्चा-बच्चा प्रभु श्रीराम जैसा आदर्श बनें, हर मां प्रभु श्रीराम सा बेटा चाहती है तो हर मां की यह कामना पूरी हो। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम लोकतंत्र, सामाजिक समरसता व राष्ट्रीय एकात्मता के मूर्तिमान स्वरूप हैं, भारतवर्ष सनातन धर्म तथा संस्कृति के प्रतीक पुरुष करोड़ों भारतवासियों के अनन्य आराध्य हैं और एक लोकतांत्रिक राज्य व्यवस्था के संस्थापक हैं।
