पनकी पड़ाव क्रासिंग पर रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) बनाया जाएगा। डीआरएम उत्तर मध्य रेलवे, प्रयागराज मोहित चंद्रा ने इसकी सहमति दे दी है। व्यस्ततम दिल्ली-हावड़ा रूट पर स्थित क्रासिंग को अभी आठ से 10 मिनट में ट्रेन पास कराने के लिए बंद किया जाता है, जिससे हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है। इसके बनने से लगभग पांच लाख की आबादी को जाम से मुक्ति मिल जाएगी।
कल्याणपुर, आवास विकास, पनकी और हाईवे के बीच पनकी पड़ाव (रेलवे गेट नंबर- 82) क्रासिंग पड़ती है। दोनों ओर की लगभग पांच लाख की आबादी को एक ओर से दूसरी ओर जाने के लिए इसी को पार करना पड़ता है। पिछले एक दशक में क्रासिंग के दोनों ओर के इलाकों में काफी बसावट हो गई है। प्रमुख मार्ग पर पड़ने वाली इस क्रासिंग से परेशानी बढ़ती जा रही है।
दो दर्जन से अधिक इलाके प्रभावित : भौंती प्रतापपुर, छीतेपुर, गंगागंज, सुंदर नगर, आवास विकास-3, मसवानपुर, पनकी के एचआइजी, एलआइजी, एमआइजी, पनकी कल्याणपुर समेत दो दर्जन से अधिक इलाकों के लोगों का चकरपुर मंडी और पनकी बाजार आना-जाना होता है। इसके लिए पनकी पड़ाव क्रासिंग को पार कर ही जाया जा सकता है।
पांच किलोमीटर घूमकर जाना पड़ता : पनकी पड़ाव क्रासिंग के मार्ग को न प्रयोग करने पर पनकी रेलवे पुल होते हुए जाना पड़ेगा। इससे एक ओर से दूसरी ओर आने-जाने के लिए पांच किलामीटर से अधिक का चक्कर काटना पड़ता है।
– 24 घंटे में 110 से अधिक यात्री रेलगाड़ी होती हैं क्रास
-प्रयागराज की ओर 40 से 45 रेलगाड़ी
-टूंडला की ओर 60 से 65 रेलगाड़ी
-हर 8 से 10 मिनट में होती है क्रासिंग बंद
-पनकी पड़ाव क्रासिंग बंद होने से लंबा जाम लग जाता है। इस पर रेलवे ओवरब्रिज बनाने की जरूरत है। इसके लिए फिजिबिलिटी रिपोर्ट बनवाई जा रही है, जिससे जल्द से जल्द निर्माण शुरू कराया जा सके। -मोहित चंद्रा, डीआरएम उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज

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