वर्तमान में गर्मी के मौसम दृष्टिगत गौ आश्रय स्थलों में मवेशियों को उपलब्ध करायी जा रही समस्त आवश्यक सुविधाओं व आवश्यक उपचार की समीक्षा करने हेतु आज आयुक्त ने नगर निगम के पनकी स्थित गौ आश्रय स्थल का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान श्री अवधेश शर्मा, वरिष्ठ प्रभारी, पनकी गौशाला उपस्थित मिले।

निरीक्षण की टिप्पणी, अवलोकन के महत्वपूर्ण बिंदु हैं-

1- अभिलेखों के अनुसार, वर्तमान में इस गौ आश्रय स्थल में 2252 गौ वंश संरक्षित हैं तथा ये सभी गौवंश नर है।

2- इस परिसर में वर्तमान में कुल 5 शेड्स क्रियान्वित है तथा एक शेड् निर्माणीधन है।

3- बैल, बछड़ों, रोगग्रस्त पशुओं के लिए अलग-अलग शेड नहीं बनाए गए हैं। इस परिस्थिति में गौ वंश को अलग रखना, गिनना, अलग-अलग इलाज करना कठिन हो जाता है।

4- आयुक्त ने उपचार रजिस्टर की जाँच की व पूछने पर वरिष्ठ प्रभारी द्वारा वर्तमान में 4 गौ वंश का आज इलाज चल रहा हैं, इनमें दो पशु की स्थिति गंभीर होने की जानकारी दी गयी।

5- सभी गौ आश्रय स्थल पर रखे गए गौ वंश के लिए कान की टैगिंग (Ear Tagging) किया जाना अनिवार्य है। वरिष्ठ प्रभारी द्वारा आयुक्त को बताया कि चूंकि इस स्थान पर टैगिंग के लिए अलग परिक्षेत्र/जगह नहीं है, इसलिए टैगिंग उद्देश्य के लिए गौ वंश को संभालना मुश्किल हो रहा है। वर्तमान में कुल 2250 गौवंशों के सापेक्ष लगभग 1950 गौवंशों की ईयर टैगिंग की गयी है, शेष 300 की अगले 15 दिनों में ईयर टैगिंग पूर्ण कर ली जायेगी।

6- आयुक्त ने स्टॉक रजिस्टर की जाँच की व चारा (भूसा), दवाएं इत्यादि के बारे में पूछने पर वरिष्ठ प्रभारी द्वारा इसकी पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता बतायी गयी।

7- आयुक्त ने डेथ ऑडिट और पीएम रजिस्टर भी चेक किया। यह 3 मई 2022 तक अपडेट किया गया था और इसमें कई मामलों में मौत का कारण का स्पष्ट रूप से उल्लेख नहीं किया गया था और मांगने पर मृत पशुओं की पोस्ट मॉर्टम रिपोर्ट मौके पर नहीं दिखाई जा सकी। जबकि आयुक्त ने विगत निरीक्षण में पंजिका को अद्यतन रखने और सभी मृत पशुओं की मृत्यु का स्पष्ट कारण उल्लेख करते हुए उनकी पोस्ट मॉर्टम किये जाने तथा विवरण सूचीबद्ध किये जाने के निर्देश दिये गये थे, जो नहीं किया जा रहा था।

8- परिसर में गौ वंश को उनके टैग नंबरों के अनुसार प्रबंधित नहीं किया गया था। व्यक्तिगत गौ वंश के साथ टैग संख्याओं का पता लगाने के लिए कोई रिकॉर्ड नहीं रखा गया था।

9- पूछने पर वरिष्ठ प्रभारी द्वारा अवगत कराया गया कि वर्तमान में गौशाला में कार्यरत स्टाफ के लिए शौचालय व पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध नहीं है।

आयुक्त द्वारा दिये गये निर्देश निम्न हैः-

1- परिसर में उपरोक्त निर्माणधीन शेड्स को इस माह के अन्त तक पूर्ण कर उसका प्रभावी उपयोग प्रारम्भ/सुनिश्चित किया जाए।

2- गर्मी के मौसम को देखते हुए भविष्य के लिए यह आवश्यक है कि परिसर में वृक्षारोपण किया जाए। नगर आयुक्त को निर्देशित किया गया कि इस गौशाला के प्रत्येक परिसरों (यथा- परिसर 1 व परिसर 2) में कुल लगभग 500 वृक्षों का वृक्षारोपण कराये जाने हेतु कार्य योजना बनाकर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

3- सभी गौवशों की आगामी एक सप्ताह में ईअर टैगिंग व इसकी नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।

4- मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया गया कि दिनांक 01 जनवरी, 2022 से अब तक के मृत पशुओं की पोस्ट मार्टम रिपोर्ट व पूर्ण विवरण सहित आज सायं 5 बजे तक आयुक्त रिपोर्ट करें।

5- देखा गया कि पशुओं के सापेक्ष परिसर में शेड पर्याप्त नहीं है। इस गर्मी के मौसम में पशुओं की प्राथमिक आवश्यकता को देखते हुए नगर आयुक्त को नगर निगम से परिसर-1 में अतिरिक्त 2 शेड्स व परिसर-2 में अतिरिक्त 1 शेड्स बनवाये जाने हेतु आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिये गये।

6- पशुओं हेतु पर्याप्त चारे/भूसे की आवश्यकता को देखते हुए परिसर में प्रत्येक समय 1 माह हेतु के अतिरिक्त चारे की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

7- पशुओं का नियमित रूप से पर्याप्त ईलाज व उनकी देखभाल सुनिश्चित की जाए।

8- पाया गया कि गौशाला से निकलने वाले गौबर से कृमि खाद्य इत्यादि बनाये जाने हेतु गौशाला में सुविधा उपलब्ध नहीं हैं। इस गौशाला के दोनों परिसरों में होने वाले गोबर से कृमि खाद्य बनाकर उसके बेहतर उपयोग से एक निश्चित धनराशि अर्जित की जा सकती है और इससे किसानों को भी कृमि खाद्य आसानी से उपलब्ध हो सकेगा। नगर आयुक्त को निर्देशित किया गया कि वे इस सम्बन्ध में एक कार्ययोजना तैयार कर आयुक्त को रिपोर्ट करें।

9- गौशाला में कार्यरत समस्त स्टाफ की सुविधा हेतु परिसर में आवश्यकतानुसार शौचालय व पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

10- आयुक्त ने नगर आयुक्त को उपरोक्त निर्देशों/कार्यों का समयबद्ध अनुपालन कराये जाने को कहा

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