एआईएमपीएलबी की अपील: अफवाहों पर ध्यान न दें मुसलमान, धर्म की मौजूदा राजनीति पर पीएम-सीएम तोड़ें मौन
Fri, 20 May 2022 ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड(एआईएमपीएलबी) की अपील पर शुक्रवार को शहर की तमाम मस्जिदों में जुमे की नमाज में उलमा ने अमन की दुआओं के साथ मुसलमानों से किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई। उलमा ने नमाजियों को मस्जिद की अहमियत और उसकी फजीलत बताई।

ज्ञानवापी मस्ज्दि के साथ तमाम मस्जिदों को लेकर बन रहे माहौल को देखते हुए ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने मस्जिदों के इमामों से अगले तीन सप्ताह तक जुमे की नमाज में मस्जिद की फजीलत पर रोशनी डालने के साथ ही अमन कायम रखने और अफवाहों से दूर रहने के लिए बयान करने की अपील की थी। बोर्ड की अपील के मद्देनजर शहर की तमाम मस्जिदों में जुमे की नमाज में अमन की दुआएं की गईं।

टीले वाली मस्ज्दि के इमाम मौलाना फजले मन्नान रहमानी ने कहा कि बनारस की ज्ञानवापी मस्जिद के साथ तमाम मस्जिदों को लेकर माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है। यहां तक कि कई संगठन टीले वाली मस्जिद को लेकर भी विवाद पैदा करने की कोशिश में लगे हैं लेकिन हमें सब्र से काम लेना है।

उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया आदि पर किसी पर तरह की अफवाहों से दूर रहें और अमन बनाए रखें। मौलाना ने किसी भी तरह के धरना-प्रदर्शन से बचने की भी अपील की। वहीं ऐशबाग ईदगाह में मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली की गैर मौजूदगी में मौलाना मोहम्मद मुश्ताक ने जुमे की नमाज अदा कराई। उन्होंने मस्जिद की अहमियत और फजीलत पर रोशनी डालते हुए कहा कि मस्जिदों को नमाज से कायम रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने भी कहा कि अफवाहों पर ध्यान न दें, ज्ञान वापी मस्जिद का मामला अदालत में है। हमें अदालत पर भरोसा रखना चाहिए। इसी तरह की शहर की तमाम मस्जिदों में इमाम ने अमन कायम रहने की दुआ की।

धर्म की मौजूदा राजनीति पर पीएम-सीएम तोड़े मौन
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ऑफ इंडिया ने देश भर में 50 हजार मंदिरों को तोड़कर मस्जिद बनाने का दावा करने की हो रहीं चर्चाओं पर चिंता जाहिर की है। बोर्ड का मनना है कि मंदिर-मस्जिद के नाम पर आस्थाओं का टकराव मुल्क के लिए ठीक नही है।

मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड ऑफ इंडिया के महासचिव डॉ. मोईन अहमद खान ने कहा कि प्रधान मंत्री और मुख्यमंत्री से धर्म की मौजूदा राजनीति पर अपना मौन तोड़ना चाहिए। उन्हें देश को भरोसा देना चाहिए कि किसी के साथ गलत नही होगा। उन्होंने कहा कि देश के संविधान, कानून के साथ सभी नागरिकों की धार्मिक आस्था का संरक्षण सहित मुस्लिम समुदाय के इबादतगाहों की प्रकृति व चरित्र में संशोधन नही किया जाएगा, इसका भरोसा सरकार को आगे आकर देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि इतिहास को एक चश्मे से देखने की राजनीति बंद होनी चाहिए। महत्वाकांक्षी राजनीति को वर्तमान में खड़े होकर भविष्य की तरफ निहारना चाहिए। ताजमहल, कुतुब मीनार, मुसलमानों की नहीं बल्कि राष्ट्रीय धरोहर हैं और पुरात्व विभाग के नियंत्रण में हैं। उन्होंने सुन्नी वक्फ बोर्ड से भी मस्जिदों के संरक्षण व अपनी इबादतगाह होने का दावा अच्छे अधिवक्ताओं से अदालतों में करवाने की मांग की

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