सेवा में,
श्रीमान संपादक महोदय,
विषय-: मैं अपनी झांसी नही दूंगी – वीराँगना महारानी लक्ष्मीबाई।
मैं महारानी के किले की पहाड़ी (नींव)को बर्बाद नही होने दूंगा- सैनिक भानू
महोदय,
वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई जी के किले की शौरहत पूरे विश्व मे विख्यात है। दूर दूर से पर्यटक झांसी आकर किले को निहारते है।
जिस प्रकार महारानी के किले की पहाड़ी पुरातत्व एक्ट का उल्लंघन कर खोदी जा रही है, पहाड़ी पर से बड़ी बड़ी चट्टाने नीचे धड़का दी गई है एवं पहाड़ी पर पक्का निर्माण करवा कर पहाड़ी का स्वरूप नगर निगम, स्मार्ट सिटी। एव पुरातत्व विभाग मिल कर बिगड़ रहे है।।
महारानी जहाँ से घोड़े के साथ कूदी थी उस बुर्ज से जब जब सैलानी पहाड़ी को देखेगा तो उन्हें ऐसा लगेगा कि मखमल के कालीन पर टाट का पैबंद लगा दिया गया है। पहाड़ी का सौन्दर्य स्वरूप मिटा के विकास कार्य की बात करने वालो की सोच पर प्रश्नचिन्ह लग जाता है।
बुन्देलखण्ड निर्माण मोर्चा का संकल्प है की आखरी सांस तक संघर्ष कर महारानी की धरोहर को इन दूल्हा जू के अनुयायियों से बचाकर दम लेंगे।
जिस तरह महारानी ने अंग्रेजो से कहा था कि मैं अपनी झांसी नही दूंगी। उसी प्रकार महारानी के सैनिक (बुन्देलखण्ड निर्माण मोर्चा) दूल्हा जू के अनुयायियों को किले की पहाड़ी को बर्बाद नही करने देंगे।
👉 8 जून से किले की पहाड़ी पर से अवैध मालवा हटाने का कार्य प्रारम्भ करूँगा।
भानू सहाय एडवोकेट
अध्यक्ष
बुन्देलखण्ड निर्माण मोर्चा
9415588500
2022-06-06
