•••••••••••••••प्रकाशनार्थ••••••••••••
जब – जब किसी जाति- धर्म- विशेष समुदाय को अपमानित करने की कोशिश की गई है तब-तब उसके समर्थकों द्वारा अपमान करने वालों का खुलकर विरोध किया गया है। और उनके समर्थकों द्वारा किसी के आत्म सम्मान को ठेस न पहुंचें,इसका भी ख्याल रखा गया। ऐसी ही एक घटना कानपुर शहर में एक सप्ताह पूर्व घटी जहां पर पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब पर निष्कासित भाजपा प्रवक्ता द्धारा अशोभनीय टिप्पणी किए जाने का विरोध चल रहा था कि कुछ असामाजिक अराजक तत्वों द्वारा वाद-विवाद को तूल पकड़ा दिया गया और वाद विवाद को दंगे में बदलते देर नहीं लगी। और आज यह स्थिति हो गई कि पूरे देश में जगह-जगह दंगे व हिंसात्मक घटनाएं हो रही है।साथ ही साथ कुछ लोग एक वर्ग विशेष समुदाय को निशाना बना कर उन्हें भड़का कर इस आग में घी का काम किया जा रहा है। इतना ही नहीं समय रहते इन उग्र लोगों को अमन चैन शान्ति कायम रखने की अपील कर रोका नहीं गया तो परिणाम बद से बद्तर और भयावह होते जायेंगे।
इसी अमन चैन शान्ति कायम रखने के लिए आज दिनांक 11-06-2022 को अखिल भारतीय अल्पसंख्यक बोर्ड के तत्वावधान में श्रीमान जिलाधिकारी महोदय कानपुर को आठ सूत्रीय ज्ञापन मांग पत्र सौंपा गया,।
जिसमें धनीराम पैंथर( महामंत्री- अखिल भारतीय अल्पसंख्यक बोर्ड) ने अपने वक्तव्य में कहा कि किसी भी धर्म या समाज के महापुरुषों या अराध्य का अपमान नहीं सहा जायेगा। इतना ही नहीं कानपुर शहर में घटित घटना से आज हमारे दूसरे देशों से राजनैयिक वह आर्थिक सम्बन्ध बिगड़ रहे हैं। समूचे देश में चल रहे विरोध प्रदर्शन व हिंसात्मक घटनाओं को रोके जाने की नितान्त आवश्यकता है । और समाज के धर्म गुरूओ से अपील है कि वह विरोध प्रदर्शन को बन्द करने एवं हिंसा न फैलाने, सभी लोग सौहार्द पूर्वक मैत्री भाव से रहने का आहवान करना चाहिए।
इसी कार्यक्रम में आये हुए पास्टर जीतेन्द्र सिंह ने कहा कि दलितों पिछड़ों, चर्चों व अल्पसंख्यकों पर हो रहे द्वेष भावना से हमलों व महापुरुषों का अपमान कतई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
देश व प्रदेश की सरकारों से अपील है कि अशोभनीय टिप्पणी करने वालों व भड़काऊ बयान देने वालों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही किए जाने की नितान्त आवश्यकता है। साथ ही साथ सोशल मीडिया पर चल रहे बयानबाजी व भड़काऊ भाषणों पर अविलंब प्रतिबंध लगा कर देश व प्रदेश में अराजक तत्वों को हिंसात्मक घटनाऐं करने से रोका जा सकता है।
ज्ञापन देने में प्रमुख रूप से शफीक सिद्दीकी, पास्टर जीतेन्द्र सिंह, प्रेमी जी बौद्ध,आर ए गौतम,प्रभु दयाल आदिम, राम लखन कटियार, विजय सागर, विनय सेन, पास्टर रवि, पास्टर अनिल गिलवर्ट, पास्टर संजय सैमसन, पास्टर पप्पू यादव, रमेश बौद्धाचार्य, विनीत कुमार,जय कठेरिया, मुर्तजा ख़ान, बृजेश गौतम व अन्य सामाजिक लोग उपस्थित रहे।
————–आपका—————–
धनीराम पैंथर ( महामंत्री)
अखिल भारतीय अल्पसंख्यक बोर्ड
