दिव्यांग बच्चों के लिए 2011 से निशुल्क स्कूलों में शिक्षा के लिए लगे हुए हैं विक्रमादित्य
सरकार द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में शिक्षा का अधिकारी अधिनियम के तहत निशुल्क दाखिला दिलाया जाता है।विक्रमादित्य नारायण सिंह शिक्षा का अधिकारी अधिनियम के द्वाारा पैर से दिव्यांग जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं उनका आवेदन कराते हैं ।
विक्रमादित्य ने बताया कि प्राइवेट स्कूलों की कक्षा पहली व प्री-प्राइमरी कक्षाओं में बच्चों को दाखिकक्षा प्री स्कूल या नर्सरी के लिए बच्चे की उम्र 3 से पांच वर्ष होनी चाहिए। आयु की गणना 31 मार्च के आधार पर की जाती है । वहीं प्री-प्राइमरी या केजी कक्षा के लिए बच्चे की उम्र 4 से 6 वर्ष तथा कक्षा प्रथम के बच्चे की उम्र 5 से 7 वर्ष होनी चाहिए। साथ ही विद्यालय उसके आवास से 0-1 किलोमीटर की दूरी के अंदर होना चाहिए। वे आवेदन के दौरान बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र,आधार कार्ड, वार्षिक आय का प्रमाण पत्र, बच्चे की फोटो व घर के पते का दस्तावेज कराने तक के लिए विक्रमादित्य 2011 से लगे हुए हैं और अभी तक विक्रमादित्य नारायण सिंह शिक्षा का अधिकारी अधिनियम के द्वाारा पैर से दिव्यांग जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं तहत कुुल 67 इच्छुक विद्यार्थियों को प्राइवेट स्कूलों में निशुल्क दाखिला दिलवाया है ।इस बार भी वे 55 दिव्यांग बच्चों का आवेदन किए हैं । विक्रमादित्य का पिछले तीन साल से अपना नवभारत निर्माण ट्रस्ट भी चला रहे हैं ।
