कानपुर-
“वह वादा करके भूल गए हम आस लगाए बैठे हैं” यह लाइने सिख दंगा पीड़ितों पर बिल्कुल सटीक बैठती है। जो 38 साल से इंसाफ का इंतजार करते रहे सरकारें आई और गई लेकिन उनके जख्मों पर मरहम लगाने का काम नहीं हुआ. लेकिन अब सूबे में योगी आदित्यनाथ की सरकार में गठित की गई एसआईटी ने उन्हें इंसाफ दिलाने का काम किया है। 38 सालों से इंसाफ के लिए बाहर जा रही आंखें अब चमक उठी हैं। दरअसल कानपुर में एसआईटी की जांच के बाद 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इसी क्रम में 2 अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है। वहीं आने वाले समय में एसआईटी ऐसे ही 68 और आरोपियों की गिरफ्तारी करेगी। आपको बता दें कि प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 1984 में हुए सिख विरोधी विरोधी दंगों में कानपुर में 127 लोगों की हत्या कर दी गई थी।
वही कई लोगों के घरों को जला दिया गया जमकर लूटपाट हुई। उस समय कई एफआईआर दर्ज हुई लेकिन किसी भी आरोपी को पकड़ा नहीं जा सका। जिसके बाद से सिख समुदाय लगातार इंसाफ के लिए गुहार लगाता रहा। कई सरकारी़े आई, कई आयोग बने, कई एसआईटी गठित हुई लेकिन किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी संभव नहीं हो सकी। 2019 में योगी आदित्यनाथ की सरकार ने एक बार फिर दंगों की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया। एसआईटी ने 11 ऐसे मामले जांच के लिए पाए जिसमें पर्याप्त साक्ष्य मौजूद थे। एसआईटी ने लगातार जांच पड़ताल की साक्ष्य संकलन किए। जिसका नतीजा हुआ कि 11 मामलों में उन्हें पर्याप्त सबूत भी मिले और गवाह भी मिले जिसके बाद 96 आरोपियों के नाम निकल कर सामने आए। जिनमें से 22 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 74 की गिरफ्तारी की जानी थी। इन 74 लोगों में 6 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। जल्द ही बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है। इन दंगाइयों की गिरफ्तारी घाटमपुर से की गई है। सिख दंगा एसआईटी के इंचार्ज डीआईजी बालेंद्र भूषण ने कहा कि सरकार की मंसा के चलते ही यह संभव हो पाया है। सरकार ने 6 बार एसआईटी का कार्यकाल बढ़ाया। वही दंगों के मामलों में गिरफ्तारी और शुरू होने के बाद सिख समुदाय संतुष्ट नजर आ रहा है। सिख समुदाय के लोगों का कहना है कि पुरानी सरकारों ने केवल उनकी भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने का काम किया। यही वजह है कि किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हो सकी, कोई भी मुकदमा ठीक से अंजाम तक नहीं पहुंचा। अब योगी जी की सरकार में उन्हें इंसाफ मिल रहा है वही सिख समुदाय के लोगों का कहना है कि दंगे के जो आरोपी गिरफ्तार किए जा रहे हैं उनकी संपत्तियों पर बुलडोजर चलना चाहिए।
Tt- बालेंद्रु भूषण, डीआईजी, SIT
