कानपुर। स्व रेवा शंकर त्रिवेदी जी की पुण्य तिथि पर फूलबाग स्थित डाक्टर राम मनोहर लोहिया की प्रतिमा पर मनाई गई, स्वतंत्रता आन्दोलन में उनकी भूमिका भुलाई नहीं जा सकती। अंग्रेजों के पुलिस के कपड़ों की गांठ जो भैंसा ठेला से जाती थी, उसमें स्व त्रिवेदी जी अंग्रेजों के समय डीएवी कॉलेज लैब से चोरी की गई। फास्फोरस अपने मुंह में रखते थे, क्योंकि फास्फोरस गीली रहने तक सही और सूखते ही आग पकड़ देती थी। उसने मुख से निकालकर कपड़ों की गांठों में रगड़ देते थे जिसके सूखते ही अंग्रेजों के मंगाए गए कपड़े जलकर राख हो जाते थे और नए नए तरीके निकालकर अंग्रेजों को हर वक्त देश छोड़ने पर मजबूर करते थे। इसी क्रम में अंग्रेजों ने उन्हें कड़ी सजा के लिए उस समय की सबसे ख़तरनाक जेल चुनार के क़िले में १८ माह तक कैद रखा।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से श्री प्यारे लाल गुप्ता, अंबर त्रिवेदी, अनुराग वर्मा, सुरेश गुप्ता, सीपी ओमर, अनिल चौबे, मानू गुप्ता, रिंकू केसरवानी, आदर्श शुक्ला, अनिल राठौड़ (भतीजे), बंटी शर्मा, मुमताज मंसूरी, राकेश दीक्षित, अनूप हजारिया, उमाकांत तिवारी, मो. इमरान (प्यारे), दीपा यादव, दीपिका मिश्रा आदि उपस्थित रहे।
