कानपुर । कानपुर चकेरी के काजीखेड़ा निवासी युवती का अपरहण कर उसका ही एक रिश्तेदार दिल्ली ले गया था। युवती की बहन द्वारा अप्रैल माह में इस संबध में चकेरी थाने में मुकदमा कराया गया था। मुकदमें में वांछित चल रहे अभियुक्त निखिल पुत्र चमन लाल निवासी दिल्ली को मंगलवार सुबह चकेरी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। युवक से पूछताछ की जा रही है।
करिश्मा को बुन्देलखण्ड जोन महिला कांग्रेस अध्यक्ष बनाये जाने पर किला मजदूर यूनियन ने जताया हर्ष दी बधाई
कानपुर । तेज तर्रार कांग्रेस नेत्री एवं गोविंद नगर विधानसभा की पूर्व प्रत्याशी करिश्मा ठाकुर को बुन्देलखण्ड जोन में महिला कॉंग्रेस अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दिए जाने पर ओईएफ फूलबाग कानपुर किला मजदूर यूनियन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष समीर बाजपेई ने करिश्मा ठाकुर को हार्दिक बधाई व शुभकमनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ उनसे निवेदन किया कि वे आर्डिनेंस फैक्ट्रियों के निगमीकरण से देश की सुरक्षा पर आने वाले खतरे के साथ रक्षा कर्मियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की केंद्र सरकार की मंशा के बारे में कॉंग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को अतिशीघ्र अवगत कराने के साथ अपने स्तर पर पूरे उत्तर प्रदेश मे निगमीकरण क़ा मुद्दा उठायें। समीर बाजपेई ने करिश्मा ठाकुर से कहा कि रक्षा कर्मियों कें लिए वे ही उम्मीद की किरण हैं। वे ही इस मुद्दे क़ो प्रियंका जी तक ले जाकर केंद्र में कॉंग्रेस की सरकार आने पर निगमीकरण रद्द करवाकर पुनः आर्डिनेंस फैक्ट्रियों को रक्षा मंत्रालय के तहत बहाल करवा सकती हैं। ऐसा होंने पर सभी रक्षा कर्मी उनके सदैव आभारी होंने क़े साथ उनके जज्बे को सलाम करेंगे।
स्वतन्त्रता सेनानी की पुण्यतिथि पर किया वृक्षारोपण
कानपुर । स्वतन्त्रता आन्दोलन से लेकर समाजवादी आन्दोलन को आगे बढ़ाने में अपना सारा जीवन न्योछावर करने वाले अमन बगावत के अमर सेनानी प्रख्यात लोहियावादी विचारक स्व० रेवा शंकर त्रिवेदी की पुण्यतिथि के अवसर पर लोहिया प्रतिमा स्थल, फूलबाग में वृक्षारोपण व गोष्ठी का आयोजन हुआ। डा० राम मनोहर लोहिया स्मारक समिति, कानपुर द्वारा आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता प्यारे लाल गुप्त व संचालन अम्बर त्रिवेदी ने किया। जिसमें सबसे पहले समिति की महिला सदस्यों सहित सभी ने पर्यावरण संतुलन बनाये रखने के लिये वृक्षारोपण किया । गोष्ठी में प्यारे लाल गुप्ता ने बताया कि स्व० रेवा शंकर त्रिवेदी की स्वतन्त्रता आन्दोलन की भूमिका मुलाई नहीं जा सकती। अंग्रेजों के पुलिस के कपड़ों की गांठ जो भैंसा ठेला से जाती थी, उसमें स्व० त्रिवेदी अंग्रेजों के समय डी०ए०वी० कालेज लैब से चोरी की गई। फासफोरस अपने मुख में रखते थे। क्योंकि फासफोरस गीली रहने तक सही और सूखते ही आग पकड़ लेती थी। उसे मुख से निकाल कर कपड़ों की गाँठों में रगड़ देते थे जिसके सूखते ही अंग्रेजों के मंगाये गये कपड़े जलकर राख हो जाते थे और नये-नये तरीके निकाल कर अंग्रेजों को हर वक्त देश छोड़ने पर मजबूर करते थे। इसी क्रम में अंग्रेजों ने उन्हें कड़ी सजा के लिये उस समय की सबसे खतरनाक जेल चुनार के किले में 18 माह तक कैद रखा था ।इस मौके पर प्यारे लाल गुप्ता अम्बर त्रिवेदी, डाक्टर इमरान, अनुराग वर्मा, सुरेश गुप्ता, सतीश चन्द्र शुक्ला, सी०पी० ओमर, अनिल चौबे, मानू गुप्ता, विजय गुप्ता, बिल्लू बाल्मीकि, रिकू केसरवानी, आदर्श शुक्ला, अनिल राठौर (भतीजे), विक्रम अवस्थी, पीयूष दीक्षित, शशी शर्मा, अनुराग अग्रवाल (ख) गोपी बाजपेई, अशोक गुप्ता (गुरु), आशीष त्रिवेदी (अनुज निगम, आदि रहे।
