कानपुर 16 जुलाई । आज प्रकाशना मिश्रा पुत्री प्रमिल कुमार मिश्र नौबस्ता निवासी ने कानपुर प्रेसक्लब में अपनी वार्ता करते हुए बताया कि वह 69000(उनहत्तर हज़ार) सहायक शिक्षकों की भर्ती के लिए ऑन लाईन फॉर्म भरा था, सामान्य वर्ग (ब्राह्मण) की परीक्षा 114/150 अंकों से उत्तीर्ण की जो 76% है। मेरा गुणांक उन्हीं के मानकानुसार 69.9 होता है। यह सब नियुक्ति के लिए पर्याप्त है।
मेरे द्वारा मानवीय भूलवश ऑन लाईन फार्म भरते समय बीएड अंकपत्र से देखकर लिख़ने में क्रम बदल गया। इस कारण मेरी चयन काउंसलिंग नहीं हुई बल्कि कहा गया कि मैंने अनुचित लाभ पाने के लिए किया है, इससे तो मेरा ही योग कम हो गया, जो यह नहीं सिद्ध करता है कि मैंने अनुचित लाभ के लिए किया है।
मैने अपनी इस गलती के लिए माननीय उच्च न्यायालय में पत्र लिखा जिसे माननीय न्यायालय ने मानव त्रुटि मानते हुए संशोधन करने का आदेश जारी(रिट- ए-5339 /2020) किया, जिसे प्रार्थनी ने सम्बन्धित शिक्षा विभाग में स्वयं जाकर दिया तथा रजिस्टर्ड डाक से भी भेजा। मगर माननीय उच्च न्यायालय की भी उपेक्षा करते हुए आदेश को नहीं माना। इन सभी की सूचना सचिव, बीएसए, मुख्यमंत्री, महानिदेशक बीएसए, को पंजीकृत पत्र भेजा , उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा को भी पत्र लिखकर भेजा, नतीजा कुछ नहीं मिला।
मुख्यमंत्री योगी जी से आशा है कि वे योग्यता के पक्ष धर हैं, सह्रदयता से इस पर निर्णय लेते हुए मुझे मानसिक तनाव से मुक्ति दिला कर नियुक्ति करवाने में मदद करेंगे।

2021-07-16
