जिलाधिकारी ने दिया संबंधित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का आदेश
बर्दाश्त नहीं की जाएगी खाद्यान्न वितरण में किसी प्रकार की लापरवाही
कोटेदारों की लापरवाही पर जिला अधिकारी ने दिए सख्त आदेश
खाद्यान्न की कालाबाजारी पर जिलाधिकारी सख्त:
उन्नाव :-जिलाधिकारी रविंद्र कुमार के निर्देशन में आज जिला पूर्ति अधिकारी द्वारा विधिक माप विज्ञान अधिकारी व पूर्ति निरीक्षक मुख्यालय के साथ तेज बहादुर सिंह उचित दर विक्रेता, उन्नाव नगर पालिका परिषद की उचित दर दुकान का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विक्रेता की उचित दर दुकान खुली पाई गई। दुकान पर स्टॉक बोर्ड, रेट बोर्ड, साइन बोर्ड, हेल्पलाइन नंबर, टोल फ्री नंबर प्रदर्शित नहीं पाए गए। मौके पर स्टॉक रजिस्टर, वितरण रजिस्टर मांगे जाने पर विक्रेता द्वारा उपलब्ध नहीं कराए गए। इसके अतिरिक्त जिला पूर्ति अधिकारी, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी/क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक के दूरभाष नंबर अंकित नहीं पाए गए। तदोपरांत विक्रेता उपरोक्त की उचित दर दुकान का स्टॉक का सत्यापन किया गया। जिसमें विक्रेता के गोदाम में 33 बोरी चावल सिली हुई भर्ती (50 किलोग्राम) व 20 किलोग्राम लगभग खुला चावल तथा लगभग 15 किलोग्राम गेहूं खुला पाया गया। इसके उपरांत विक्रेता की ई पास मशीन से उपलब्ध स्टॉक का सत्यापन किया गया। जिसमें विक्रेता की उचित दर दुकान पर माह अप्रैल 2021 का अवशेष पात्र गृहस्थी गेहूं 9.61 क्विंटल व पात्र गृहस्थी चावल 6.30 कुंटल तथा माह मई 2021 का अवशेष पात्र गृहस्थी गेहूं 0.80 किलोग्राम, अंत्योदय चावल 0.60 किलोग्राम व पात्र गृहस्थी गेहूं 13.39 क्विंटल पात्र गृहस्थी चावल 10.26 क्विंटल चावल खाद्यान्न होना चाहिए। इस प्रकार विक्रेता उपरोक्त के खदान में गोदाम तथा वितरण हेतु अवशेष खाद्यान्न के परीक्षण से स्पष्ट हुआ कि विक्रेता की उचित दर दुकान पर कुल अवशेष चावल के सापेक्ष 0.46 क्विंटल चावल व 23.60 कुंटल गेहूं कम पाया गया। मौके पर विक्रेता द्वारा उपयोग में लाए जा रहे इलेक्ट्रॉनिक कांटा का निरीक्षण विधिक माप विज्ञान अधिकारी द्वारा किया गया,निरीक्षण के दौरान किसी भी सक्षम अधिकारी से इलेक्ट्रॉनिक कांटा सत्यापित/मुद्राअंकित नहीं पाया गया।जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया विक्रेता उपरोक्त द्वारा अपने लिखित बयान में अपनी उचित दर दुकान पर 33 बोरी चावल भरती (50 किलोग्राम) लगभग 20 किलोग्राम खुला चावल और लगभग 10 किलोग्राम गेहूं खुला पाए जाना स्वीकार किया गया है। इसके अतिरिक्त अधिकांश कार्ड धारकों के अंगूठा स्कैन न होने के बाद भी खाद्यान्न उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण दे दिया गया है, उनका अंगूठा बाद में लगवा लिया जाता है।अधिकांश कार्ड धारक द्वारा एक ही वस्तु जैसे केवल गेहूं व केवल चावल की मांग की जाती है,जिन्हें जरूरत के अनुसार उपलब्ध कराया जाता है इसलिए हमारी उचित दर दुकान पर चावल की मात्रा अधिक है। कांटा बाट माप वाले अधिकारी द्वारा तराजू का निरीक्षण किया गया जिसमें 5 किलोग्राम का बाट रखने पर 200 किलोग्राम अधिक पाया गया।अतः मौके पर किए गए निरीक्षण में स्टॉक कम पाया गया। स्टॉक कम पाए जाने से स्पष्ट है कि विक्रेता श्री तेज बहादुर की उचित दर दुकान पर 0.46 क्विंटल चावल तथा 23.60 क्विंटल गेहूं कम पाया गया है और विक्रेता द्वारा अनुचित लाभ अर्जित करने के उद्देश्य से उक्त खाद्यान्न की कालाबाजारी कर ली गई है। विक्रेता का यह कृत्य उत्तर प्रदेश आवश्यक वस्तु वितरण आदेश 2016 तथा खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 एवं निष्पादित अनुबंध पत्र में निहित शर्तों का स्पष्ट उल्लंघन है,एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है।जिस कारण से अपकृत्य के फलस्वरूप उचित दर विक्रेता तेज बहादुर नगर पालिका परिषद, उन्नाव का अनुबंध पत्र निलंबित करते हुए विक्रेता उपरोक्त के विरुद्ध 3/7 के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत करने का आदेश दिया है।

