विधायक सुरेंद्र मैथानी ने केडीए वीसी को एक पत्र प्रेषित किया

गोविंद नगर विधानसभा के विधायक सुरेंद्र मैथानी ने केडीए वीसी को एक पत्र प्रेषित किया और केडीए सचिव से मौखिक वार्ता कर, KDA के कालोनियों के बिक्री एवं किराया वृद्धि पर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। और उसको तत्काल प्रभाव से रोकने की बात कही।
विधायक ने केडीए वीसी को प्रेषित किए पत्र में तथा मौखिक रूप से केडीए सचिव से कहा कि, के.डी.ये.की सदियों पुरानी बसी कालोनियों के, बिक्री एवं किराया वृद्धि को वर्तमान कोरोना संकट के कारण रोक दिया जाना चाहिए।
विधायक ने केडीए वीसी को,जो आज कानपुर में नहीं हैं,उनको पत्र प्रेषित किया।और साथ में केडीए सचिव से वार्ता कर,कहा कि, हमारी विधानसभा क्षेत्र में सर्वाधिक केडीए की कालोनियां है।तथा साथ ही साथ पूरे कानपुर महानगर में भी अच्छी संख्या में केडीए की कॉलोनीयां सदियों पुरानी बसी हुई है। जिन कालोनियों में, विपरीत परिस्थितियों में किसी प्रकार से ही,कई कई पीढ़ियों ने अपना जीवन गुजारा है।
विधायक ने केडीए वीसी/सचिव को कहा कि,मैंने स्वयं भी,शास्त्री नगर की लेबर कॉलोनी में,ऊपर के मकान में, एक कमरे और एक किचन के दायरे में,मैं स्वयं 04 भाई-बहन और माता-पिता के साथ,जीवन के 42 वर्ष को बताया है।इसलिए मैं यहां का दर्द बहुत भली भांति जानता हूं।और मुझसे बेहतर,दूसरा कोई भी,आपसे कॉलोनी वासियों के दर्द की वास्तविक स्थिति को, बयां नहीं कर सकता है।
विधायक ने केडीए वीसी को संबोधित पत्र में कहा कि,वर्तमान समय में हम सब लोग जानते हैं कि पिछले 2 वर्षों से कॅरोना का कालखंड ,पूरे समाज को कहीं ना कहीं व्यतीत किए हुए है। आपको धन्यवाद कि आपने कॅरोना के कालखंड में जिला प्रशासन के माध्यम से,माननीय मुख्यमंत्री जी की मंशा के अनुरूप,एक प्रकार से उस पर समयबद्ध नियंत्रण किया।परंतु फिर भी काफी दुखद घटनाएं समाज के हम सब परिवारों में हो गई।
विधायक ने कहा कि ऐसी परिस्थिति में प्रत्येक कॉलोनी वासी इस समय अपने परिवार के पालन पोषण में एवं बच्चों की शिक्षा में तथा स्वास्थ्य आदि में,अपनी दिनचर्या में कहीं ना कहीं ,कठिनाइयों का सामना भी कर रहा है।यह बात अलग है कि माननीय मुख्यमंत्री योगी जी के कारण से धीरे-धीरे व्यवस्थाएं काफी हद तक सामान्य स्थिति में होती जा रही हैं।ऐसे में, वर्तमान परिस्थितियों के आधार पर, कालोनियों को बेचने का निर्णय या किराया वृद्धि का निर्णय जनसामान्य के हित में नहीं है आम जनता इस समय, किसी भी प्रकार के अतिरिक्त आर्थिक भार को,सहने की स्थिति में तथा भुगतान करने की स्थिति में नहीं है। जब करोना की तीसरी लहर की संभावनाओं पर,लोग अपने को व्यवस्थित करने के प्रयास में लगे हो, और सरकार भी पूरी तरह लोगों के जानों को बचाने की रणनीति और उनके जीवन यापन की व्यवस्थाओं को व्यवस्थित कर रही हो।ऐसे में कालोनियों की बिक्री का पैसा देना या किराया वृद्धि का भुगतान करना,आम जनता के बस की बात नहीं है।
मेरा,जनहित में अनुरोध है कि,चूंकि हम सब लोग एवं शासन प्रशासन भी,पूरी तरह से,अपने कारणों से जनता को राहत देने के लिए होते हैं और जनहित में ही,अपनी सरकार को जरूरतमंदों को समर्पित करते हुए,व्यवस्थाओं को समाज के हित में व्यवस्थित करते हैं।अतः ऐसी परिस्थिति में इस प्रकार का कोई भी निर्णय जनहित में नहीं है।
इस पर मेरी कड़ी आपत्ति है।यह आपत्ति जनहित के दृष्टि से ही देखी जानी चाहिए।
विधायक ने कहा कि आपसे,जनता के लिए व्यवहारिक रूप से,न्याय की उम्मीद है।

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