प्रबन्धन कमेटी की लापरवाही से बंद हुआ यतीम खाना
कई विभागों में यतीमखाना की शिकायत चल रही जांच
यहां स्वास्थ परीक्षण में 37 बच्चे पाए गए थे चर्म रोगी
किशोरी ने कांट ली थी हाथ की नस
कानपुर: जे जे एक्ट के तहत पंजीकरण न होने से प्रशासन ने यतीमखाना का संचालन बन्द कर दिया है। यहाँ के बच्चो को उनके रिश्तेदारों को सौंप दिया गया पंजीकरण न होने तक यतीमखाना में न तो यतीम बच्चो को रखा जा सकता न ही इसका दुबारा संचालन शुरू किया जा सकता है। पंजीकरण न होने के पीछे यतीम खाना प्रबन्धन कमेटी की लापरवाही सामने आई है यतीम खाना में अनियमिताओं को लेकर अलग अलग विभागों में 21 शिकायते दर्ज हो चुकी हैं। यतीम खाना संचालक के विरुद्ध हाल ही में एफ आई आर भी दर्ज हुई है। यतीम खाना में संचालन के लिए जे जे एक्ट यानी किशोर न्याय अधिनियम के तहत पंजीकरण ज़रूरी है। यतीम खाना प्रबन्धन ने आज तक इस पर अमल नही किया है इसको लेकर प्रशासन ने कई बार यतीम खाना को पत्र भी लिखे बताया गया। जनवरी में रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन तो किया गया लेकिन आवेदन प्रक्रिया को आगे नही बढ़ाया गया। प्रशासन को पंजीकरण के ज़रूरी प्रपत्र भी नही उपलब्ध कराये गए पंजीकरण में प्रबन्धन कमेटी का चरित्र प्रमाण पत्र भी लगाना जरूरी है ।जानकारी के मुताबिक प्रबंधन कमेटी के कुछ कमियों के चलते यह प्रमाण पत्र नही बन पा रहा था ।इस बीच राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग में बिना पंजीकरण संचालित हो रहे यतीम खाना की शिकायत कर दी गयीं। आयोग ने इसको संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी को यतीमखाना के जिम्मेदारों के खिलाफ एफ आई आर दर्ज कराने के आदेश दिए। उधर बिना पंजीकरण संचालित हो रहे यतीमखाना को बच्चों को बाल कल्याण समिति के अनुमति के बिना उनके रिश्तेदारों को सौंप दिया गया।इसकी जानकारी होने पर प्रशासनिक अधिकारी यतीम खाना पहुंचे प्रबन्धन कमेटी के सदस्यों पर नाराजगी जताई उन्होंने सभी बच्चों को उनके रिश्तेदारों के यहाँ से दुबारा बुलाने के निर्देश दिये बाद में बाल कल्याण समिति के देखरेख में आधिकारिक रूप से बच्चों को उनके रिश्तेदारों को सौंप के यतीमखाना का संचालन बन्द करा दिया गया। वही ज़िला प्रोबोशन अधिकारी ने राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के आदेश के अनुपालन में थाना कर्नल गंज में एफ आई आर भी दर्ज करा दी फ़िलहाल यतीमखाना का संचालन बन्द चल रहा है। ज़िला प्रोबेशन अधिकारी जय दीप सिंह कहना है। कि जब तक यतीमखाना का पंजीकरण नही हो जाता इसका संचालन बन्द रहेगा।यतीमखाना में अनियमिताओं की कई विभागों में शिकायत की गई है। अधिकारी कई बार यहां का निरिक्षण करने आ चुके है यतीम खाना में वक़्फ़ बोर्ड ,खाद एवं औषधि ,प्रशासन, अग्निशमन विभाग,राष्ट्रीय बाल आयोग स्वास्थ्य विभाग आदि निरीक्षण कर चुका है।अंजुमन यतीमखाना में बच्चो की स्वास्थ की जांच की गई 42 में 37 बच्चे में चर्म रोग पाया गया था एक लड़की के खून की कमी थी वही बच्चे नेत्र रोग से भी पीड़ित थे।हाथ की नस काटने के मामले में बाल सुरक्षा संगठन ने मांगी थी रिपोर्ट।नाला रोड स्थित एक किशोरी के साथ दो सगे भाइयों ने दुष्कर्म किया था। इस किशोरी को यह कहकर यतीमखाना में दाखिल कर दिया गया था।इसकी माँ बाप की मृत्यु हो चुकी है जबकि पिता जीवित थे पिता जब यतीमखाना में किशोरी से मिलने आए तो उनको टरका दिया गया पिता से न मिलने पर किशोरी ने हाथ की नस काट ली थी।महिला एवं बाल सुधार संगठन ने इसको संज्ञान में लेते हुए प्रशासनिक अधिकारियों से पूरे प्रकरण की रिपोर्ट मांगी थी।यतीमखाना प्रबन्धन कमेटी व यहां के पूर्व सदस्यों के बीच खींचतान जारी है यतीमखाना का संचालन बन्द होने पर एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप किया जा रहा हैं।यतीम खाना के पूर्व महामंत्री मास्टर मोहम्मद शाहिद का कहना है कि यतीम खाना प्रबन्धन कमेटी की लापरवाही से यहाँ की संचालन बन्द हुआ है।बिना पंजीकरण चल रहे यतीमखाना के संचालन के विरुद्ध एफआईआर तो दर्ज हो गयी है लेकिन उसमें किसी पदाधिकारी का नाम नही लिखा गया है। इसको लेकर कुछ लोगो ने आपत्ति जताई है इसकी शिकायत आई जी आर एस पोर्टल पर पुलिस कमिश्नर जिलाधिकारी से की गई है।चमन गंज निवासी इफ्तिखार अहमद ने राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग में शिकायत कर ज़िला प्रोबोशन अधिकारी पर आरोप लगाए है जांच कर नियम अनुसार कार्यवाही की मांग की गई है।ज़िला प्रोबोशन अधिकारी की शिकायत जिलाधिकारी एवं पुलिस कमिश्नर से भी की गयी है।
