राज्य सूचना आयुक्त, सुभाष चंद्र सिंह ने नगर निगम के सभागार में जन सूचना अधिकार से संबंधित विभागीय मामलों की सुनवाई की। सुनवाई के उत्साहजनक परिणाम मिले। आज सुनवाई हेतु 34 मामले सामने आए। इनमें 30 मामलों का अंतिम रूप में निपटाया गया। शेष चार मामलों को सितम्बर में राज्य सूचना आयोग, लखनऊ में सुना जाएगा। तीन दिनी सुनवाई का आज पहला दिन था।
राज्य सूचना आयुक्त ने उक्त जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस सुनवाई में नगर आयुक्त शिव शरण अप्पा भी कुछ समय के लिए उपस्थित थे। इसके अलावा अपर नगर आयुक्त अरविंद राय और रोली गुप्ता के साथ ही सभी जोन के जन सूचना अधिकारी और आरटीआई डेस्क से जुड़े सूचना सहायक भी मौजूद थे। लेकिन स्थानीय स्तर पर सुनवाई में सभी वादकारियों को नोटिस के बावजूद महज एक दर्जन वादकारी ही उपस्थित हुए। सूचना आयुक्त को इससे निराशा हुई।
सूचना आयुक्त के अनुसार जो मामले जन सुनवाई हेतु प्रस्तुत किये गए, उनकी प्रकृति निहायत व्यक्तिगत थी। मसलन किसी को नगर निगम में गृह कर, जल कर से संबंधित परेशानी थी तो किसी को किराया विवाद संबंधी शिकायत थी। किसी भी आरटीआई आवेदन में व्यापक लोकहित समाहित नहीं था।
बहरहाल अधिसंख्य वादकारी मिली सूचनाओं से संतुष्ट हो गए। जिन मामलों में वादी नहीं आये थे, उनमें अधिसंख्य में उन्हें सूचनाएं पिछली तारीखों में भेजी जा चुकीं थीं। उनके भेजने का अभिलेखीय साक्ष्य और सूचनाओं की प्रति प्रस्तुत की गई। ऐसे मामलों में वादी की आपत्ति भी पत्रावली पर नहीं पाई गई। लिहाजा इनको अंतिम रूप से निपटा दिया गया। पत्रावली दाखिल-दफ्तर करने के निर्देश दे दिए गए। 46 मामलों की सुनवाई मंगलवार को होगी। जन सूचना अधिकार की जन सुनवाई में अपर नगर आयुक्त श्री भानु प्रताप, अपर नगर आयुक्त श्रीमती रोली गुप्ता, सहायक नगर आयुक्त पूजा त्रिपाठी, नगर स्वास्थ अधिकारी तथा जलकल एवं संबंधित जोनो के जोनल अधिकारी उपस्थित रहे।

2021-08-09
