पुलिस के सुपुर्द हुए कुशाग्र हत्याकांड के तीनों आरोपी, जल्द उठेगा कहानी से पर्दा

 

कानपुर कपड़ा कारोबारी मनीष कनौडिया के बेटे कुशाग्र के अपहरण, हत्या के मामले में कोर्ट ने तीनों आरोपियों प्रभात शुक्ला, रचिता वत्स व शिवा गुप्ता की तीन दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड मंज़ूर कर ली है। आज रविवार सुबह नौ बजे तीनों आरोपियों को पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। इन तीन दिनों के दौरान पुलिस अपहरण, हत्याकांड में सभी आरोपियों की भूमिका से लेकर पूरी कहानी से पर्दा उठाएगी।बता दें कि दसवीं के छात्र कुशाग्र की 30 अक्तूबर को अपहरण के बाद हत्या कर दी गई थी। इसके बाद परिजनों से 30 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी। प्रकरण में पुलिस ने मुख्यारोपी प्रभात शुक्ला, उसकी प्रेमिका रचिता वत्स और शिवा गुप्ता को गिरफ्तार करके प्रभात के घर से कुशाग्र की लाश भी बरामद कर ली थी। तीनों को पुलिस ने जेल भेज दिया, लेकिन कुछ सवालों के जवाब जानने के लिए पुलिस ने कोर्ट से तीनों की पांच दिनों की कस्टडी रिमांड मांगी थी। वहीं कोर्ट ने आरोपियों की तीन दिन की रिमांड मंज़ूर की है।बताते चलें कि पुलिस तीनों को जेल से अपनी कस्टडी में सुबह नौ बजे लेकर उनका मेडिकल कराने ले गई है। बुधवार सुबह नौ बजे आरोपियों को जेल में फिर से दाखिल करना होगा। आरोपियों से जिन अफसरों के नेतृत्व में पूछताछ होगी उनकी एक टीम का गठन किया गया है। हत्यारोपियों से सवाल दागने के लिए सवालों की सूची तैयार कर ली गई है। तीनों को ले जाकर वारदात के दिन का पूरा सीन रिक्रिएट करवाया जाएगा। इससे पता चल सकेगा कि प्रभात कैसे कुशाग्र को बातों में फंसाकर अपने घर लेकर पहुंचा ? और वहां कुशाग्र को कैसे मारा ?ज्ञात हो कि तीनो आरोपियों से पूछताछ ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी की निगरानी में तीन अफसरों की टीम करेगी। इनकी वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी और उसे फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा। वहीं आरोपियों के पूर्व के फुटेज के आधार पर नए फुटेज उसकी एंगल में तैयार कराए जाएंगे। फिरौती के पत्र की हैंडराइटिंग का मिलान भी होगा। प्रभात के घर से एक रजिस्टर व डॉट पेन मिला है। उसकी स्याही पत्र की लिखावट वाली स्याही से मिलती है। पत्र उसी पेन से लिखा गया है, इसकी जांच भी होगी।मामले की जांच में जुटे एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम ना छपने की शर्त पर बताया कि हत्यारोपियों द्वारा की गई वारदात में एक चौंकाने वाली बात सामने आई है। कुशाग्र के मर्डर के बाद हत्यारे फिरौती वसूलने की प्लानिंग कर रहे थे, तो दूसरी तरफ शव को भी ठिकाने लगाने का प्लान तैयार करे बैठे थे। आरोपी ने फिरौती की रकम मिलने के बाद पकड़े न जाएं, इसके लिए उन्होंने कारोबारी के बेटे को टुकड़े-टुकड़े करने का भी प्लान बना रखा था। फिर उन टुकड़ों को रात में सभी की नज़रों से बचते बचाते हुए गंगा में बहाना था।गौरतलब है कि कुशाग्र के अपहरण के बाद प्रभात के फोन की जांच की तो एक वीडियो मिला। वीडियो हत्या के बाद का है। इसमें कुशाग्र का रस्सी से गला कसा हुआ दिख रहा है। हाथ-पैर रस्सी से बंधे हुए हैं। वीडियो परिवार को भेजकर उन्हें अपहरण का भरोसा दिलाकर उनसे फिरौती की रकम वसूलने का प्लान था। वहीं हत्यारोपियाें की काॅल डिटेल से भी अहम सुराग मिले हैं। वहीं, कुशाग्र के परिजन आरोपियों से सामना करना चाहते हैं, कि वह जान सकें कि जिसे उन्होंने बेटी की तरह माना, उसी ने उनके बेटे की हत्या क्यों कर दी।

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