अपने परिजनों से मिली बच्ची.. तो खुशी भरी आंखों से परिजनों ने पनकी पुलिस का किया धन्यवाद
कानपुर बुधवार शाम करीब 5:00 बजे के लगभग एक छोटी बच्ची जिसकी उम्र करीब 7 से 8 वर्ष रही होगी.. पनकी मंदिर चौकी पहुंचती है; इस गुलाबी सर्दी में उसके तन पर इतने गर्म कपड़े नहीं थे कि उसे इस सर्दी से बचा सके! इसीलिए उसके पूरे हाथ पैर थर थर कांप रहे थे…इस बच्ची पर जैसे ही पनकी मंदिर चौकी में तैनात उपनिरीक्षक शेर सिंह,उप निरीक्षक कुलदीप चौहान ,उपनिरीक्षक अवनीश कुमार की नजर पड़ी.. वह देखते ही बच्ची को समझ गए…की यह हल्की सर्दी के कारण कंप कंपा रही है…फिर इन तीनों उपनिरीक्षकों ने वह कर दिखाया…जो मानवता के लिए मिसाल बन गया…और खाकी की मित्र छवि का सबसे बड़ा प्रमाण!
तो हुआ कुछ यूं साहब,बच्ची को सर्दी लगती देख तीनों उपनिरीक्षकों ने सबसे पहले उस छोटी बच्ची को नए गर्म कपड़े लेकर दिए…और फिर बच्ची ने उन कपड़ों से अपने पुरे तन को इस तरह ढक लिया…जैसे हिमालय की पहाड़ियों को बर्फ ढक लेती है…और इसके बाद उस बच्ची ने बताया कि वह इमलीपुर की निवासी है…उसके पिता का नाम नीरज है…और माता का देहांत हो चुका है…बस यही से पुलिस की खोजबीन शुरू हुई…और बहुत मशक्कत के बाद पता चला कि उसके घर वाले पनकी में ही कच्ची मड़ैया काली मटिया के पास रहते हैं…बस फिर तत्काल बच्ची के परिजनों को चौकी बुलाया गया…और लगभग 7 से 8 साल की बच्ची को उनके परिजनों को सौंप दिया गया…इसके बाद छोटी बच्ची ने और उसके परिजनों ने नम आंखो से पनकी पुलिस का धन्यवाद दिया!
