कुछ लोग भारत के नाम पर केवल ताजमहल और मीनार ही देख पाते है उनके लिए ताजमहल से भी सुन्दर वास्तुकला का बेजोड़ नमूना

स्वामीनारायण मंदिर ‘गुजरात’ एक ऐसे मंदिर की कहानी ,जिसे भूकम्प भी नहीं कर सका ध्वस्त

 

श्री स्वामीनारायण मंदिर, भुज में एक हिंदू मंदिर है , देश में अन्‍य स्‍वामी नारायण मंदिरों की तरह यहां भी पूजा के स्थान के चारों ओर भगवान कृष्ण और राधा की विभिन्न रंगीन लकड़ी की मूर्तियां स्‍थापित हैं और इस मंदिर का निर्माण स्वामीनारायण सम्प्रदाय के संस्थापक स्वामीनारायण ने करवाया था।

 

स्वामी नारायण मंदिर शहर से थोड़ी दूरी पर स्थित है, जिसके चलते आप यहां एक असीम शांति का एहसास कर सकते हैं। इस मंदिर का पुननिर्माण संगमरमर और सोने से किया गया, जिसकी चमक देखकर आपकी आँखें खुली की खुली रह जायेंगी।

 

5 एकड़ में फैला मंदिर परिसर और शुद्ध संगमरमर से बने 258 नक्काशीदार खंभे हैं

मंदिर के पुननिर्माण में करीबन 600 मूर्तिकारों ने इस प्रोजेक्ट को करीबन 7 साल में पूरा किया। झिलमिलाता ढांचे और एक मुख्य गुंबद के साथ 7 शिखर हैं, 25 छोटे गुंबद और शुद्ध संगमरमर से बने 258 नक्काशीदार खंभे हैं। मंदिर में राधा कृष्ण, गणेश और अन्य देवताओं की मूर्तियां भी हैं। संत निवास संतों के लिए एक ध्यान कक्ष हैं। मंदिर का निर्माण , विशेष रूप से महिलाओं के लिए किया गया है। यहां स्थित भोजन हॉल में एक बार में करीबन 2000 व्यक्ति भोजन कर सकते हैं। श्रद्धालु मंडप में बैठकर कीर्तन आदि भी सुन सकते हैं।

 

तथ्य और आंकड़े :

पूर्णता के लिए कुल अवधि: 7 वर्ष

कुल समय समर्पित: 600 मूर्तिकार और हजारों भक्त कुल 15 मिलियन घंटे खर्च करते हैं

 

कुल पत्थर: 1,26,000 क्यूबिक फीट संगमरमर जिसमें: 82,000 c.f – मकराना संगमरमर 44,000 c.f. – अम्बाजी मार्बल

 

कुल वजन: 12,600 टन

 

आयाम: कुल क्षेत्रफल: 35,000 वर्ग फुट। लंबाई: 223 फीट। चौड़ाई: 158 फीट। ऊँचाई: 80 फीट।

कुल स्तंभ: 218, जिसमें 156 नक्काशीदार हैं

कुल छत (नक्काशीदार): 108

कुल बीम: 360, नक्काशीदार: 156

कुल चरण: 26, तीन-साइड प्रवेश सीढ़ियां

गर्भ गृह (भीतरी मंदिर): ११

कुल पिनाकल (शिखर): 7, मुख्य शिखर की ऊँचाई: 58 फीट।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *