कानपुर

 

शौचालय की छत ढही बच्चें घायल रेफर: पतारा ब्लॉक के मोतीपुर टड़वारा में 8 साल पहले प्रधान ने कराया था शौचालय का निर्माण, छत ढहने से खुली भ्रष्टाचार की पोल

 

 

एंकर – घाटमपुर के पतारा ब्लॉक के मोतीपुर टड़वारा गांव में बीती शाम एक परिवार में उस वक्त हड़कंप मच गया,जब शाम को घर की छत पर खेलते हुए बच्चे खेलते खेलते शौचालय की छत पर पहुंच गए।जिस दौरान शौचालय की छत अचानक ढह गई। वही शौचालय की छत गिरने के दौरान बच्चे जमीन पर आ गिरे। जहां मासूम मलवे में दबने के कारण गंभीर रूप से घायल हो गए।हादसे की जानकारी होने के दौरान परिजन ने स्थानीय लोगो की मदद से बच्चो को बाहर निकलवाने के दौरान एंबुलेस के द्वारा आनन फानन में मासूमों को सी एच सी घाटमपुर में प्राथमिक इलाज के लिए पहुंचाया।जहां प्राथमिक इलाज के दौरान डाक्टरों ने मासूमों को कानपुर जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।

 

वी ओ – जानकारी के मुताबिक बताते चले कि घाटमपुर तहसील क्षेत्र के पतारा ब्लाक के मोतीपुर टड़वारा गांव के रहने वाले बीरेंद्र कुमार ने बताया कि रविवार शाम बच्चे अपनी घर की छत पर खेल रहे थे, खेलते खेलते उनका 10 वर्षीय बेटा शिवम अपने 7 वर्षीय छोटे भाई विष्णु के साथ घर की छत से सटकर बने हुए शौचालय की छत पर चला गया, जहां बच्चो के छत पर पहुंचते ही अचानक शौचालय की छत ढह गई और बच्चें जमीन पर आ गिरे। जिस दौरान शौचालय की छत का मलवा मासूमों के ऊपर आ गिरा, जिससे दोनो बच्चें मलवे में दबकर गंभीर रूप से घायल हो गए। मामले की जानकारी होने के दौरान आनन फानन में परिजनो ने एंबुलेंस की मदद से दोनो बच्चो को घाटमपुर सीएचसी पहुंचाया, जहां डाक्टरों ने दोनो मासूमों का प्रथमिक उपचार कर गंभीर हालत में कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर कर दिया गया। जहां दोनो का इलाज चल रहा है। वही घायल मासूमों के पिता बीरेंद्र कुमार का आरोप है, कि लगभग आठ वर्ष पहले तत्कालीन प्रधान के द्वारा पूरे गांव में शौचालय का निर्माण कराया गया था, जिसमे निर्माण कार्य के चलते मानक की अनदेखी की गई थी। गलीमत यह रही कि बड़ा हादसा होते हुए टला, फिलहाल अगर सूत्रों की माने तो प्राथमिक इलाज के दौरान परिजन मासूमों को घर ले आए है।वही छत ढहने से शौचालय में हुए भ्रष्टाचार की पोल खुलती हुई नजर आ रही है।फिलहाल इस मामले में जिम्मेदार कुछ भी बोलने से बचते हुए नजर आ रहे है।अब देखने वाली बात यह है कि मामला संज्ञान में आने के दौरान आलाधिकारी क्या कार्रवाई करते है।हालाकि यह जांच का विषय है।

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