गोवर्धन पूजा की कथा सुनाते हुए और छप्पन भोग का महत्व बताया-पुखरायां

पुखरायां । कस्बा के बड़े महा देवन मन्दिर पर सावन माह के अवसर पर पांचवे दिन के श्री मद भगवत कथा में आचार्य गिरजा शंकर पाण्डेय ने संगीत के माध्यम से शुक्रवार को श्रद्धलुओं को गोवर्धन पूजा की कथा सुनाते हुए और छप्पन भोग का महत्व बताया हैं । वही पर मन्दिर परिसर पर भगवत कथा सुनते ही श्रद्धालुओं ने भगवान श्री कृष्ण के जयकारे लगाते रहे है । कथा विराम होने पर परीक्षित सदन गुप्ता पत्नी बिना गुप्ता ने आरती किय , इसके बाद प्रसाद वितरण किया गया ।
कस्बा के बड़े महादेवन में सावन माह के अवसर पर पांचवे दिन श्री मद भगवत कथा में आचार्य गिरजा शंकर पाण्डेय ने संगीत के माध्यम से गोवर्धन पर्वत की पूजा कथा और छप्पन भोग का महत्व श्रद्धालुओं को बताते हुए कहा कि नन्दगांव में पूजा की तैयारियां जोर शोर से चल रही थी। श्रीकृष्ण ने मां यशोदा और नंदबाबा से पूजा के बारे में पूछा तो उन्होंने इंद्र की पूजा की बात बताई। इस पर भगवान कृष्ण ने कहा कि आप लोग सब कुछ देने वाले गोवर्धन की पूजा क्यों नहीं करते इंद्र तुम्हें क्या देते हैं। मां यशोदा के इंद्र के नाराज होने की बात कहने पर उन्होंने इंद्र के बजाए गोवर्धन पूजा की जिद पकड़ ली। अंत में सभी को कृष्ण की बात माननी पड़ी। वही पर आचार्य ने कहा की यह बात इंद्र को पता चली तो वह गुस्से में आ गए और ब्रजवासियों को सबक सिखाने के लिए तेज आंधी और बारिश शुुरू कर दी। इससे सभी लोग परेशान हो कृष्ण को कोसने लगे। बचाव की सारी व्यवस्थाएं फेल होने पर भगवान कृष्ण ने अपनी उंगली में गोवर्धन पर्वत को उठाकर सभी ब्रजवासियों की रक्षा किय और भगवान श्री कृष्ण ने गोवर्धन पूजा ब्रजवासियों से कराई छप्पन भोग लगाया गया वही पर मन्दिर परिसर में बैठे श्रद्धलुओं ने भगवान श्री कृष्ण के जयकारे लगाते रहे है। कथा विराम होने पर आरती किय गई , इसके बाद प्रसाद वितरण किया गया । इस मौके पर मुन्ना पुजारी , मनोज गौड़ , विकास गौड़, रुद्र गौड़ , जग मोहन गिरि , रवि मिश्रा आदि लोग मौजूद रहे है।

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