कानपुर। कानपुर के बर्रा में कथित धर्मांतरण मामले में शनिवार को भाजपा संजय पासवान ने वीडियो जारी करते हुए पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। कहा कि पुलिस अगर समय पर और सही कार्रवाई करती तो बजरंग दल और भाजपा के नेताओं को वहां जाने की जरूरत ही नहीं पड़ती। आईपीएस रवीना त्यागी हिंदुओं पर मुकदमा दर्ज करके दंगा भड़काने का काम कर रही हैं। उन्होंने पूरे मामले में हिंदुओं को दबाने का काम किया है।
बर्रा दो छेदीसिंह का पुरवा में रहने वाले संजय पासवान भाजपा दक्षिण में बर्रा इकाई के मंडल अध्यक्ष हैं। संजय पासवान ने फेसबुक के साथ ही वॉट्सऐप पर अपना एक वीडियो वायरल किया। इसमें उन्होंने कहा कि रामगोपाल चौराहा पर दो दिन पहले 11 अगस्त को जो घटना घटी है, उसमें आईपीएस रवीना त्यागी एक पक्षीय और हिंदुओं के खिलाफ कार्रवाई करके कानपुर में दंगा भड़काने का काम कर रही हैं। जबकि दलित बेटी के उत्पीड़न पर 10 दिन पहले बर्रा थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
अगर बर्रा पुलिस मामले को संज्ञान लेती तो वहां पर विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं को रामगोपाल चौराहे पर जाने की जरूरत नहीं पड़ती। आईपीएस रवीना षड़यंत्र रच रही हैं। इसके साथ ही अन्य गंभीर आरोप लगाए। वीडियो जारी करते हुए भाजपा नेताओं ने मंडल अध्यक्ष को फटकार लगाई और पार्टी से निकालने तक की धमकी दी तो उन्होंने फेसबुक अकाउंट से फौरन यह वीडियो डिलीट कर दिया।
भाजपा नेता संजय पासवान ने वीडियो में साफ तौर पर कहा है कि अगर पुलिस सही कार्रवाई करती तो वहां पर भाजपा नेताओं, विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को जाने की जरूरत ही नहीं पड़ती। दस दिन पहले मुकदमा दर्ज किया गया था, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इसके चलते हम लोगों को बर्रा रामगोपाल चौराहे पर जाकर हंगामा करना पड़ा।
भाजपा कानपुर दक्षिण की जिला अध्यक्ष इस संबंध में डॉ. वीना आर्या से बात की तो उन्होंने कहा कि वीडियो के संबंध में उन्हें जानकारी नहीं है। लेकिन फिर भी उन्होंने जिम्मेदार पद पर रहते हुए इस तरह का वीडियो जारी किया है तो उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। अगर जरूरत पड़ी तो संजय को पार्टी से बेदखल भी किया जा सकता है।
