16 अगस्त को डीसीपी ट्रैफिक से दोपहिया वाहन का चालान निरस्त करने के लिए की थी बात
– डीसीपी ट्रैफिक से बातचीत के दौरान आरोपित नहीं बता पाया था आइपीएस में चयन का बैच जागरण संवाददाता, कानपुर : क्राइम ब्रांच और नौबस्ता पुलिस ने फर्जी आइपीएस अफसर बनकर रौब गांठने वाले को गिरफ्तार किया है। शातिर ने तीन दिन पहले डीसीपी ट्रैफिक को फोन करके एक वाहन चालान निरस्त करने की सिफारिश की थी। आरोपित के पास से मिनिस्ट्री आफ होम अफेयर्स का एक फर्जी आइकार्ड मिला है।
डीसीपी क्राइम सलमान ताज पाटिल ने बताया कि 16 अगस्त की सुबह डीसीपी ट्रैफिक बीबीजीटीएस मूर्ति को राष्ट्रीय तकनीकी अनुसंधान संगठन (एनटीआरओ) में तैनात आइपीएस अधिकारी बताने वाले एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने एक दोपहिया वाहन की चालान निरस्त करने का अनुरोध किया था। डीसीपी ट्रैफिक ने आइपीएस होने के नाते उसे मुलाकात के लिए दफ्तर बुलाया तो उसने बहाना बनाया कि एक आपरेशन के दौरान उसके पैर में डेढ़ एमएम की तीन गोलियां लगी हैं, जिसकी वजह से वह अभी चलने-फिरने में असमर्थ है। बातचीत के दौरान जब उससे आइपीएस बैच के बारे में पूछा गया तो वह बता नहीं पाया। इस पर डीसीपी ट्रैफिक ने उससे पता पूछा ताकि वह उसे गुलदस्ता भेज सकें। आरोपित ने खुद के चकेरी में रहने की जानकारी दी। डीसीपी ने स्टाफ को उसका नंबर देकर गुलदस्ता लेकर भेजा, मगर जब फोन किया गया तो उसने फोन नहीं उठाया। शक होने पर डीसीपी यातायात ने क्राइम ब्रांच को इसकी जानकारी दी। सर्विलांस की मदद से मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की तो वह नौबस्ता वाई-वन ब्लाक की निकली। इसके बाद पुलिस ने छापेमारी करके आरोपित को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम आशुतोष त्रिपाठी बताया। डीसीपी अपराध ने बताया कि आरोपित के मोबाइल की काल डिटेल रिपोर्ट (सीडीआर) निकलवाई गई है। इसके जरिये उसके लिक तलाशे जा रहे हैं। आरोपित के एक स्कूल में शिक्षक होने की जानकारी हुई है। नौबस्ता में मुकदमा दर्ज किया गया है।
वर्ष 2014-15 में जा चुका है जेल
पुलिस के मुताबिक आशुतोष वर्ष 2014-15 में फर्जी आइआरएस अधिकारी बनकर लोगों को परेशान कर रहा था, जिसका मुकदमा कोतवाली में दर्ज है। वह जेल भी गया था फिलहाल जमानत पर है।
स्टोर की युवती को भी दिया था झांसा
डीसीपी क्राइम ने बताया कि कुछ समय पहले उसने एक एप्पल मोबाइल स्टोर में सेल्स का काम देखने वाली युवती को आइपीएस होने का झांसा देकर फंसा लिया था। इसी युवती की स्कूटी का चालान हुआ था। उसे निरस्त कराने के लिए उसने डीसीपी ट्रैफिक को फोन किया था।
क्या है एनटीआरओ
राष्ट्रीय तकनीकी अनुसंधान संगठन (एटीआरओ) भारत की एक तकनीकी खुफिया एजेंसी है। यह प्रधानमंत्री कार्यालय और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के अधीन है। यह इंटेलीजेंस ब्यूरो (आइबी) और रिसर्च एंड एनालिसिस (रा) विग के समान है।
