कई बार कानपुर देहात आए कल्याण सिंह

कानपुर देहात के राजपुर पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के निधन से राजपुर में भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं में शोक की लहर है। उनका घाटमपुर लोकसभा से खासा लगाव रहा। पूर्व में राजपुर विधानसभा सीट घाटमपुर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा हुआ करती थी तब उनकी जनसभा से कमलरानी वरुण के पक्ष में माहौल बना था और वह संसद पहुंच गई थी।

भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष बंशलाल कटियार व स्वयं सेवक संघ से जुड़े देवेंद्र कटियार बताते है कि वर्ष 1996 में घाटमपुर लोकसभा के चुनाव में भाजपा से कमलरानी वरुण प्रत्याशी थीं। उस समय राजपुर विधानसभा घाटमपुर लोकसभा का हिस्सा थी।

पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की राजपुर कस्बे के भारतीय विद्या पीठ इंटर कॉलेज मैदान में हुई जनसभा से कमलरानी वरुण के पक्ष में माहौल बन गया। जनसभा में भीड़ उमड़ी देखकर सभी नेता खुश हो गए। कमलरानी वरुण ने कांग्रेस से प्रत्याशी आशकरन संखवार को लगभग 45 हजार मतों से चुनाव हराया था।
भाजपा कार्यकर्ताओं में जान फूंक गए थे पूर्व मुख्यमंत्री
राजपुर। बाबरी ढांचा टूटने के बाद पूरे प्रदेश में नायक के तौर पर उभरे कल्याण सिंह की विचारधारा से प्रभावित होकर राजपुर क्षेत्र के कई बड़े नेताओं का कल्याण सिंह से जुड़ाव हुआ। संघ से जुड़े राजाराम कुशवाहा व भाजपा नेता दिनेश मिश्रा बताते है कि पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की 1996 में चुनावी जनसभा हुई थी।

उनके व्यक्तित्व से प्रभावित होकर भाजपा के दिग्गज नेता रहे दशरथ सिंह राणा, महावीर त्रिपाठी, डॉ. विशम्भर सिंह, प्रभूशंकर स्वर्णकार, ओमकार बुंदेला व जैसलपुर के सुरेंद्र सिंह ने गांव गांव जाकर भाजपा का प्रचार प्रसार किया था। (संवाद)
2002 में झींझक आए थे कल्याण सिंह

झींझक में वर्ष 2002 के लोक सभा चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री व भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कल्याण सिंह ने झींझक कस्बे के जूनियर विद्यालय मैदान में सभा की थी। घाटमपुर लोकसभा से कमलरानी वरुण फिर से मैदान में थी।

उस दौरान चुनाव संयोजक रहे विपिन शर्मा बब्बन व संतोष सिंह बताते हैं कि चुनाव के दौरान कार्यकर्ताओं ने सभा में बहुत मेहनत की थी। हालांकि कमलरानी वरुण यह चुनाव हार गई थी।

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