कानपुर

 

त्योहार मनाने के लिए फ्लाइट से घर आना जितना महंगा था, उससे कहीं ज्यादा कीमत अब काम पर लौटने के लिए चुकानी पड़ रही है। जेब ढीली करके त्योहार मनाने आए लोगों को अब हवाई यात्रा के लिए जेब कटवानी पड़ रही है।इनमें ज्यादातर आईटी और प्रबंधन पेशे से जुड़े युवा हैं, जो बेंगलुरू, पुणे, मुंबई, हैदराबाद या दिल्ली, गुड़गांव जैसे शहरों में काम कर रहे हैं। हालत यह है कि फ्लैक्सी फेयर के चलते रविवार को कानपुर से इन शहरों के लिए विमान किराये सामान्य दिनों की अपेक्षा 3 गुना से ज्यादा महंगे हो चुके हैं।दीपावली के बाद दिल्ली, नोएडा या गुड़गांव में काम पर लौटने वाले लोगों को सामान्य तौर पर 4 हजार रुपये के आसपास मिलने वाली फ्लाइट की टिकट के लिए 12 हजार रुपये या इससे अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। दिल्ली की हवाई टिकट की कीमत 6 नवंबर तक 12 हजार रुपये से कम नहीं है। कानपुर से दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरू का हवाई टिकट फ्लैक्सी फेयर लागू होने के कारण 3 से 4 गुना तक अधिक हो गया है।सबसे महंगे हवाई किराये रविवार को हैं, इसकी वजह यह है कि अधिकतर लोग इस दिन यात्रा करके सोमवार को अपने काम पर वापसी करना चाहते हैं। रविवार को बेंगलुरू की फ्लाइट का किराया 25 हजार तो मुंबई का 20 हजार रुपये से अधिक है। इसके विपरीत मुंबई और बेंगलुरू से कानपुर आने का किराया अब सामान्य होकर पहले से थोड़ा ही 8 हजार के आसपास आ गया है।कानपुर से मुंबई का हवाई किराया 4 नवंबर को 14000 और 5 नवंबर को 13000 रुपये से अधिक है। उधर, कानपुर से बेंगलुरु का हवाई किराया 3 नवंबर को 28000 रुपये तक और 4 नवंबर को 16000 तथा 5 नवंबर को 18000 रुपये से ज्यादा है। इसी तरह कानपुर से हैदराबाद जाने के लिए किराया 3 नवंबर को 17000 रुपये तथा 4 और 5 नवंबर को 15 हजार से ज्यादा है। लखनऊ से भी किराया कम नहीं है। बेंगलुरु के लिए रविवार को लखनऊ से रात साढ़े 10 बजे की फ्लाइट का किराया 21 हजार रुपये है। लखनऊ से रात 11:30 बजे पुणे जाने वाली फ्लाइट का किराया 16 हजार से ऊपर है, तो मुंबई की उड़ान का किराया 15 हजार है।

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