कम सर्दी पड़ने का असर सब्जियों पर

 

बुवाई में देरी होने से टमाटर, गोभी और मटर पर बड़ा असर

 

शहर और उसके पास सब्जियों के दामों में तेजी आई है। सब्जी दुकानदार जहां इसके पीछे सहालग को वजह बता रहे हैं। वहीं कृषि विशेषज्ञ इसके पीछे मौसम के शिफ्ट होने को बड़ी वजह मान रहे हैं। बाजार में इस समय हरी मटर और फूल गोभी सबसे महंगी है। शहर के नरही व चौक के सब्जी बाजार में हरी मटर का रेट जहां 120 रुपये में है तो गोभी 40 रुपये प्रति फूल बिक रहा है। सब्जी व्यापारी लल्लन यादव बताते हैं कि हरी मटर की तो काफी शार्टेज है, गोभी भी महंगी बिक रही है। इसके अलावा परवल और खीरा 60 से 80 रुपये हो गया है। बाकी अन्य सब्जियों के दाम मंगलवार को पहले के मुकाबले सस्ते हो रहे हैं। टमाटर, गाजर, बैंगन, प्याज व शिमला मिर्च के दाम स्थिर हैं। सहालग की वजह से सब्जियों की मांग ज्यादा और आपूर्ति कम हैं।

कृषि विेशेषज्ञ महंगाई के पीछे मौसम शिफ्ट होने की वजह से कम उपज को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। वैज्ञानिको का कहना है कि अक्तूबर तक बारिश हुई, जिसके कारण सब्जियों की बुवाई नहीं हो पाई। खरीफ के अंतिम समय में जिन सब्जियों की बुवाई हो जाती है उनकी आवक बाजार में दिसंबर में होने लगती है। इस वर्ष कन्नौज फर्रुखाबाद, हरदोई सहित कई जिलों में सब्जियों की बुवाई लेट हुई। इसलिए बाजार में गोभी, बंधा, शिमला मिर्च, टमाटर, आलू की आवक कम हो गई है। हरी पत्तेदार सब्जियों की वृद्धि भी प्रभावित हुई है। बाजार में सब्जियां नहीं पहुंच पा रही हैं। रवी मौसम की सब्जियों के लिए 20 से 25 डिग्री सेल्सियस तापक्रम की आवश्यकता होती है। लेकिन, दिन रात के तापमान में काफी परिवर्तन उपज में देरी हो रही है।

सब्जी बीज व्यापारी हेमंत कुमार सिंह ने बताया कि इस समय क्षेत्रीय किसानों के खेतों में शिमला मिर्च, बींस, टमाटर, बैंगन, हरा मिर्च, गोभी, बंधा, हरी धनिया, पालक एवं आलू लगभग तैयार हो रही हैं और 20 दिसंबर के बाद बाजार में सब्जियों के दाम घट सकते हैं। तक तक दाम स्थिर ही रहेंगे।

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