उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद ने विरोध प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सोपा
कानपुर,उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद ने विरोध प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सोपा
ज्ञापन के दौरान कहां हाईस्कूल के संस्था प्रधान को प्रधानाध्यापक पदनाम की जगह प्रधानाचार्य पदनाम प्रदान कराया जाये तथा प्रारम्भिक ग्रेड वेतनं 6600 के साथ त्रिस्तरीय वेतनमान प्रदान किया जाये। शिक्षा निदेशक की अध्यक्षता में बनी कमेटी के द्वारा शुल्क वृद्धि हेतु सर्वसम्मत से शासन को दिये गये प्रस्ताव के आधार पर माध्यमिक विद्यालयों में अतिशीघ्र शुल्क संशोधन का शासनादेश जारी किया जाये। चयन बोर्ड की धारा 21, 18 एवं 12 को नवगठित उ०प्र० शिक्षा सेवा चयन बोर्ड में सम्मिलित कराया जाना अत्यधिक महत्वपूर्ण है। शासन द्वारा ग्रीष्मावकाश, रविवार या अवकाश के दिनों में प्रशिक्षण आदि में विद्यालयों को खोले जाने की स्थिति में उसके बदले प्रधानाचार्यों को अर्जित अवकाश प्रदान किया जाये।आउटसोर्सिग व्यवस्था को समाप्त करके विद्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियुक्ति पूर्व की भांति करते हुये प्रधानाचार्यों को नियुक्ति का अधिकार प्रदान किया जाये। सरकारी कर्मचारियों की भांति प्रधानाचार्यों को भी निःशुल्क चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध करवाई जाये।माध्यमिक विद्यालयों के विद्युत बिल किसानों की भांति माफ किये जायें अथवा कॉमर्शियल बिल के स्थान पर सामान्य यूनिट दर से बिल का अलग से कोई खाता निर्धारित किया जाये।माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को अन्य शैक्षिक संवर्गों की भांति त्रिस्तरीय वेतनमान स्वीकृत किया जाये।प्रधानाचार्यों की लम्बित मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद, कानपुर मण्डल कानपुर का मण्डलीय धरना संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय कानपुर में सम्पन्न हुआ। प्रधानाचार्य परिषद के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन आदरणीय संयुक्त शिक्षा निदेशक को सौंपा। धरने में मुख्य रुप से राजेश अग्निहोत्री, डा० संदीप चतुर्वेदी, डा० गिरीश कुमार मिश्र, डा० मनप्रीत सिंह, नन्द किशोर मिश्र, धर्मेन्द्र अवस्थी, डा० सौरभ भट्ट एवं समस्त सम्मानित प्रधानाचार्य (बालक / बालिका) उपस्थित रहे। प्रदेश उपाध्यक्ष अ० गिरीश कुमार मिश्र ने कहा कि यरि प्रधानाचार्यो की माँगे नहीं मानी गयीं तो प्रदेश व्यापी आन्दोलन किया जाएगा।
