कानपुर

 

कानपुर के फजलगंज थाने में एक मिल्क सप्लायर ने नमस्ते इंडिया फूड प्राइवेट लिमिटेड और एचडीएफसी बैंक लखनऊ के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी की रिपोर्ट दर्ज कराई है।

आरोप है कि कम्पनी ने मिल्क सप्लायर की आईडी का प्रयोग कर बैंक से 7 करोड़ रुपए का लोन करा लिया था। घटना सन 2021 की है। पीड़ित ने इस मामले में पुलिस से शिकायत की थी। कोई सुनवाई न होने पर पीड़ित ने सिविल जज जूनियर डिवीजन एफटीसी के यहां एफआईआर दर्ज कराने के लिए शिकायती पत्र दाखिल किया था।

कोर्ट ने मामले में एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। जिसके बाद फजलगंज थाने में कोर्ट के आदेश पर धोखाधड़ी और जालसाजी समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मूल रूप से ग्राम तेन्दुली तहसील बिन्दकी फतेहपुर निवासी विनय कुमार मिश्रा (40) वर्तमान में दामोदर नगर बर्रा में रह रहे हैं।विनय कुमार के मुताबिक, वह किसानी और दूध का कार्य करके अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं।विनय के मुताबिक, सन 2014 में नमस्ते इण्डिया फूड प्राइवेट लिमिटेड जिसका कार्यालय 119-121 ब्लाक पी एण्ड टी फजलगंज कालपी रोड पर है। यहां के मिल्क सेन्टर पर विनय अपने ग्राम तेन्दुली एवं आस-पास के क्षेत्र से दूध का कलेक्शन करके सप्लाई का कार्य शुरू कर दिया था। काम के दौरान उक्त कंम्पनी ने विनय के सारे अभिलेख जैसे आधार कार्ड, पेन कार्ड फोटो आदि अपने पास पूर्व में संरक्षित कर लिये थे।

विनय के मुताबिक उसकी आईडी का दुरुपयोग करके कम्पनी ने 14 जनवरी 2021 को 10617177 रुपए, 29 अप्रैल 2021 को 9819723 रुपए, 28 सितम्बर 2021 को 9998409 रुपए, 4 अक्टूबर 2021 को 1671096 रुपए, 11 जनवरी 2022 को 19972851 रुपए, 28 अप्रैल 2022 को 17969200 रुपए यानी कुल 7,00,48,456 रुपए विनय को बिना बताये और बिना उसकी अनुमति और हस्ताक्षर के कम्पनी के मोबाइल नंबर का प्रयोग करते हुए एचडीएफसी बैंक की शाखा प्रणय टावर्स 38, दरबारी लाल शर्मा मार्ग लखनऊ के अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके साजिश के तहत फार्मर फाइनेंसिंग फेसिलिटी के नाम पर गुपचुप तरीके से लोन स्वीकृत करा लिया।

धनराशि का प्रयोग कम्पनी द्वारा निजी हित में किया गया। विनय के मुताबिक, 18 नवम्बर 2022 को एचडीएफसी बैंक ने एक पत्र भेजा तब उसे पता चला कि घटना हुई है। विनय के मुताबिक बैंक का एक और पत्र मिला जिसमें जानकारी मिली कि लोन एमाउंट का रीपेमेंट भी कम्पनी द्वारा आनन फानन में कर दिया गया है।विनय के मुताबिक इस घटना को लेकर उन्होंने कम्पनी के कर्मचारियों से लेकर पदाधिकारियों तक से मिलकर कारण जानने का प्रयास किया गया मगर किसी की तरफ से जानकारी नहीं दी गई। विनय के मुताबिक, इस घटना के बाद से वो डिप्रेशन में चला गया और मानसिक शारीरिक तौर पर अस्वस्थ्य हो गया।इंस्पेक्टर फजलगंज सुनील कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर नमस्ते इंडिया फूड प्राइवेट लिमिटेड और एचडीएफसी के पदाधिकारी व कर्मचारीगढ़ों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज बनना और उनका प्रयोग करने की धारा में एफआईआर दर्ज की गई है। कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज हुई है। मामले में पीड़ित से सारे दस्तावेज मांगे गए हैं। जांच करने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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