कानपुर
पुलिस ऑफिस स्थित सभागार में कानपुर पुलिस ने पीरामल फाइनेंस के साथ मिल कर साइबर सुरक्षा अभियान प्रारम्भ किया, जिसका उद्देश्य नागरिकों को वित्तीय साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते खतरे से बचाना है।
डिजिटल लेन-देन को अपनाने की बढ़ती प्रवृत्ति के साथ धोखेबाज भी उन्नत किस्म की रणनीति अपना रहे हैं, जिससे कानपुर शहर और उससे बाहर के लोगों के लिए भी आवश्यक हो गया है।
कार्यक्रम की शुरुआत रवीन्द्र कुमार (आई.पी.एस.) डी.सी.पी. ट्रैफिक ने की और पीरामल फाइनेंस के मार्केटिंग हेड अरविन्द अय्यर भी कार्यक्रम में उपस्थित थे।
डी.सी.पी. ट्रैफिक ने इस अवसर पर तीन चार दशक पूर्व प्रचलित ई.मेल फ्रॉड के विषय में बता कर अपनी बात शुरू की और टू जी मोबाइल नेटवर्क के समय चलने वाले टावर इंसटालेशन से होते हुए पिछले वर्ष बहुतायत में चलने वाले ओ.टी.पी. फ्रॉड से लेकर इस वर्ष होने वाले डिजिटल अरेस्ट स्कैम तक पर विस्तृत बात की जानकारी दी और लोगों से सतर्क रहने का आग्रह किया।
उन्होंने बताया कि कानपुर पुलिस पीरामल फाइनेंस के साथ मिल कर अगले 15 दिन तक तमाम जागरुकता कार्यक्रम पूरे शहर में आयोजित करेगी।
पीरामल फाइनेंस के मार्केटिंग हेड अरविन्द अय्यर ने इस अवसर पर कहा कि हमें कानपुर अपराध शाखा के साथ लोगों की जागरुकता के लिए हाथ मिलाकर खुशी हो रही है।
