बौद्ध मंदिरो का ब्राह्मणी करण करने व अधिवक्ता अधिनियम संसोधन बिल 2025 के विरोध मे प्रदर्शन
कानपुर, दिनॉक 28-02-2025 के सामाजिक संगठनो का संयुक्त मच द्वारा बौद्ध मंदिरो का ब्राह्मणी करण करने व अधिवक्ता अधिनियम संशोधन बिल 2025 के विरोध मे प्रदर्शन कर महामहिम राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी कानपुर नगर को दिया ज्ञापन रामानुज (एसीएम 04) ने लिया!संयोजक गोविन्द नारायण ने बताया कि सभी धर्मो के आस्था के स्थल है उसी धर्म के लोगो का उक्त स्थलो पर अधिकार होता है किसी अन्य धर्म के व्यक्ति का नही परन्तु कुछ विदेशी ताकतो द्वारा भारतीय समाज को बॉटने और भारतीय सभ्यता संस्कृति मिटाने की नियत से बौद्ध मंदिरो पर अन्य धर्म के लोगो का कब्जा करवाया जा रहा है जो अनुचित है इससे बौद्ध समाज के लोगो को उनकी आस्था पर चोट लग रही है और वह आन्दोलन के लिये बाध्य हो रहे हैं।
चमन खन्ना ने बताया कि हमारे देश मे जिस तरह कबीर पंथी लोगो का कबीर पंथी मंदिर हुआ करता था उन मंदिरो पर हिन्दुत्ववादी ताकत मनुवादियों को वह मंदिर नागवार गुजरा और उक्त कबीर पंथी मंदिरो का ब्राह्मणीकरण कर सारे कबीर पंथी मंदिरो को नष्ट कर दिया। उसी नियत से मनुवादियो द्वारा बौद्ध सम्यता और बौद्ध मंदिरो को भी ब्राह्मणीकरण कर बौद्ध मंदिरो को नष्ट करना चाहते है जिसका हम पुरजोर विरोध करके है।प्रमुख रूप से देवीप्राद निषाद, एड0 कमल कुमार, औसान सिंह यादव, शिवकुमार सोनवानी, रामपाल नागवंशी, हरभजन बाल्मीकि (नन्हेट),प्रदीप यादव,एड0 अनूप कटियार, धर्मेन्द्र भारतीय,एड0 विजय कुमार, एड0 श्रीराम, एड0 समर्पण मधुपिया,एड0 आनन्द गौतम, एड0 बुद्ध सिंह, एड0अजीत कुमार यादव, राज नारायण बौद्ध,चमन बिरहा,देव कबीर, हरीनारायण बौद्ध, अतर सिंह, अवधेश कमल बौद्ध, मनीष शारदे बाल्मीकि, रुस्तम बाल्मीकि, पवन बाल्मीकि,कमला बाल्मीकि आदि!
