*पीलीभीत मेडिकल कॉलेज को मिला दूसरा शरीर*
*प्रेमचंद्र पाठक की देह बनी चिकित्सा जगत की धरोहर*
बुधवार 5 मार्च 2025, युग दधीचि देहदान अभियान के रूप में जे के कॉलोनी कानपुर से वर्ष 2003 में मनोज सेंगर एवम माधवी सेंगर द्वारा प्रारंभ किए गए चिकित्सा जगत को देह समर्पित करने के अनूठे अभियान ने अब पूरे प्रदेश को अपने कार्यक्षेत्र में ले लिया है इसी के अंतर्गत देहदान महायज्ञ में आज 295वीं आहुति के रूप में न्यू डिफेंस कॉलोनी, गांधी ग्राम जी टी रोड कानपुर निवासी 79 वर्षीय प्रेम चंद्र पाठक जी की पार्थिव देह राजकीय मेडिकल कॉलेज पीलीभीत को समर्पित की गई,पाठक जी ने वर्ष 2011 में देहदान संकल्प लिया था,
4 मार्च मंगलवार शाम प्रेमचंद्र जी का संक्षिप्त बीमारी के बाद निधन होने पर परिजनों द्वारा अभियान प्रमुख मनोज सेंगर को सूचना देकर देहदान संकल्प पूरा कराने का आग्रह किया गया, सेंगर ने अपनी पत्नी एवं अभियान की महासचिव माधवी सेंगर से परामर्श कर देह को पीलीभीत मेडिकल कॉलेज को देने का निश्चय किया और रात में ही समस्त आवश्यक परिपत्र पूर्ण करने के बाद सेंगर दंपति पाठक जी के निवास पर 5 मार्च सुबह एंबुलेंस लेकर पहुंचे और पार्थिव देह की आरती, पुष्पांजलि एवं शांतिपाठ करा कर प्रातः 9 बजे कानपुर से चले और शाम साढ़े चार बजे पीलीभीत मेडिकल कॉलेज पहुंचे जहां एनाटॉमी विभागाध्यक्ष डॉ अर्चना सिंह, डॉ फरीद एवं सहयोगी चिकित्सकों द्वारा देह को सम्मान सहित स्वीकार किया गया,
कानपुर में देह समर्पण के समय स्वo प्रेम चंद्र पाठक की धर्मपत्नी श्रीमती उमा पाठक, पुत्र रोहित, पुत्री प्रीति मिश्रा, दामाद कृष्णमणि मिश्र, भतीजे अमित, रोहित सहित पूर्व पार्षद मदनलाल भाटिया एवं बड़ी संख्या में इष्टमित्र उपस्थित रहे,
*चौदह साल बाद संकल्प हुआ पूरा*
मनोज सेंगर ने बताया कि स्वo प्रेम चंद्र पाठक वर्ष 2006 में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड कानपुर डिवीजन से सेवा निवृत्त हुए थे जीवन भर राष्ट्र सेवा करते रहे पाठक जी मरणोपरांत भी देश सेवा करते रहना चाहते थे और इसके लिए उन्होंने देहदान का मार्ग चुना और आज चौदह साल की प्रतीक्षा के बाद *वह देह जो मिट्टी हो जाती समाज को समर्पित हो कर चंदन के समान अपनी सुगंध बिखेरती रहेगी।
