हेलमेट बताएगा खंभे में करंट है या नहीं, कानपुर केस्को का गजब साज-ओ-सामान, बिजली कर्मियों की बचेगी जान
कानपुर: अक्सर ही ऐसा देखने, सुनने को मिलता है कि कानपुर इलेक्ट्रिकसिटी सप्लाई कंपनी लिमिटेड (केस्को) के लाइनमैन जब खंभों पर चढ़कर कोई काम करते हैं, तो उनके पास न तो हेलमेट होता है, न ही कोई अन्य आधुनिक उपकरण. हमेशा उनकी जान का खतरा बना रहता है. अब केस्को की ओर से पहली बार उप्र में सभी शहरों के लाइनमैन (बिजलीकर्मियों) को टॉर्च व सेंसर युक्त हेलमेट, हारनेस, फ्लैश जैकेट, एफआरपी लैडर समेत कई अन्य आधुनिक उपकरण दिए जाएंगे.
एक माह के अंदर उप्र के अंदर सभी पांच डिस्कॉम के लाइनमैन इन उपकरणों से लैस होकर बिजली के खंभों या ट्रांसफार्मर आदि की रिपेयरिंग करते दिखाई देंगे. ऊर्जा मंत्री ने पूरे सूबे में इन उपकरणों को वितरित करने का जिम्मा केस्को कानपुर को सौंपा है. इस पूरे मामले पर केस्को एमडी सैमुअल पॉल ने ईटीवी भारत से खास बात की. उन्होंने कहा कि कानपुर में निजी व सरकारी विंग को मिलाकर एक हजार से अधिक कर्मियों को नए उपकरण एक माह के अंदर दे दिए जाएंगे. इन उपकरणों में ग्लब्स, जूते, प्लास समेत कई अन्य उपकरण शामिल हैं. इन्हें एक टूल किट के तौर पर सौंपा जाएगा.केस्को एमडी सैमुअल पॉल ने बताया कि जब बिजलीकर्मी टॉर्च व सेंसर वाला हेलमेट पहनकर खंभों के पास पहुंचेंगे तो 11 केवी लाइन पर छह फीट पहले ही हेलमेट का सेंसर करंट का अलर्ट दे देगा. इसी तरह पोल पर अगर करंट होगा, तो भी बिजली कर्मी सक्रिय हो जाएंगे. वहीं, जो हारनेस है, वह कर्मी को पूरी तरह से सुरक्षित कर देगी. उसमें जो रस्सियां हैं, उनके सहारे कर्मियों की आसानी से लैंडिंग हो सकेगी. अभी तक जो उनके साथ अचानक गिरने की घटनाएं हो जाती थीं, उन पर काफी हद तक अंकुश लग जाएगा. फ्लैश जैकेट की मदद से कर्मी रात के अंधेरे में आसानी से काम कर सकते हैं. एफआरपी लैडर में कर्मियों को ठोस प्लास्टिक, स्टील व वुडेन बेस वाली सीढ़ियां मिलेंगी.
