संघ प्रमुख मोहन भागवत का कानपुर दौरे का चौथा दिन: प्रौढ़ शाखा में लिया भाग, स्वयंसेवकों से की बातचीत

 

कानपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सर संघचालक मोहन भागवत का कानपुर प्रवास बुधवार को चौथे दिन भी जारी रहा। बुधवार सुबह वे कोयला नगर स्थित प्रौढ़ शाखा पहुंचे, जहां उन्होंने स्वयंसेवकों के साथ लगभग एक घंटे तक शाखा की गतिविधियों में भाग लिया। सुबह 6 बजे शाखा स्थल पहुंचने के बाद उन्होंने व्यायाम और योग सत्र में हिस्सा लिया और शाखा की दिनचर्या को करीब से देखा।

शाखा में भागवत की उपस्थिति से स्वयंसेवकों का उत्साह चरम पर था। कुल 139 स्वयंसेवक—जिनमें प्रौढ़ और युवा वर्ग के सदस्य शामिल थे—चार टोलियों में विभाजित होकर विभिन्न गतिविधियों में शामिल हुए। पहली टोली में भवानी भीख और प्रांत प्रचारक श्रीराम ने व्यायाम कराया, जबकि दूसरी टोली में खेलकूद की गतिविधियां संचालित की गईं। तीसरी टोली में वरिष्ठ स्वयंसेवकों ने बौद्धिक चर्चा की और चौथी टोली में कतारबद्ध होकर योग और अन्य शारीरिक अभ्यास किए गए।

45 मिनट तक शाखा में रहने के बाद मोहन भागवत ने 15 मिनट तक स्वयंसेवकों से संवाद भी किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न सवालों का जवाब देते हुए कहा कि संघ समाज के लिए कार्य करता है और निरंतर सेवा में लगे रहना हमारा कर्तव्य है। उन्होंने युवा स्वयंसेवकों को प्रेरित करते हुए संगठनात्मक अनुशासन और सामाजिक समर्पण पर बल दिया।

शाखा से रवाना होने के बाद भागवत साढ़े सात बजे सनिगवां मोड़ के पास महेंद्र सिंह के घर पहुंचे, जो संघ के तीन पीढ़ियों से जुड़े हुए स्वयंसेवक हैं। वहां उन्होंने लगभग आधे घंटे का समय बिताया और परिवार के सदस्यों से मुलाकात की।

मोहन भागवत का यह दौरा संघ की जमीनी गतिविधियों और स्वयंसेवकों के बीच संपर्क बढ़ाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके प्रवास का स्थानीय स्वयंसेवकों पर गहरा प्रभाव पड़ रहा है और संघ की नीतियों व विचारधारा को लेकर सकारात्मक ऊर्जा देखने को मिल रही है।

 

पार्टी कार्यकर्ताओं से भी मिले भागवत

 

कानपुर, चौथे दिन उन्होंने पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओ के साथ भी बैठक कर शहर की गतिविधियों का जायजा लिया, इस दौरान उन्होंने आगामी 27 के चुनाव को लेकर चर्चा की और जीत के मंत्र बताए, इस दौरान भाजपा पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि पार्टी के साथ-साथ संघ की नीतियों को भी जन-जन तक पहुंचना अनिवार्य है।

 

गांव गांव तक पहुँचे संघ की विचार धारा

 

कानपुर, सरसंघ प्रमुख मोहन भागवत शाखा मे उपस्थित स्वयंसेवकों से बातचीत के दौरान कहा संघ की नीतियों व शाखाएं गांव गांव गांव तक प्रचलित की जाए तभी शहर के उत्थान होगा सभी सदस्य ज़ब गाँव गाँव जाकर लोगों को जोड़ेगे तभी देश के निर्माण में वह अपना योगदान देंगे और संघ मतलब ही देश का योगदान करना है।

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