बांदा जेल का निरीक्षण कर मुख्तार अंसारी से मिले DIG, परिवार ने माफिया की जान को बताया था खतरा
मुख्तार अंसारी और उसकी पत्नी द्वारा जान को खतरा बताने पर जेल डीआइजी संजीव त्रिपाठी ने गुरुवार को मंडल कारागार का निरीक्षण किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था का गहराई से जायजा लिया और संतुष्टि जताई। बातचीत में डीआइजी ने कहा कि कोई भी बात दो तरह की नहीं होती है। दरअसल, हाल ही में स्पेशल कोर्ट एमपी एमएलए में माफिया मुख्तार अंसारी की पत्नी अफशां व बेटे उमर ने अर्जी देकर आरोप लगाया था कि जेल प्रशासन द्वारा मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है। बैरक से लेकर बाथरूम तक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिससे मुख्तार को परेशानी हो रही है। प्रवेश द्वार व कैमरों के फुटेज मंगवाकर जांच की जाए। इसको लेकर जेल प्रशासन के पास न्यायालय की तरफ से एक पत्र भी भेजा गया है।
जेल डीआइजी संजीव त्रिपाठी ने अफशां और उमर की तरफ से लगाए जा रहे आरोप और प्रवेश द्वार पर रखे गए रजिस्टर की जांच की। इतना ही नहीं बैरक में जाकर उन्हाेंने मुख्तार से बातचीत की। डीआइजी संजीव ने उत्पीड़न व सुरक्षा के सवाल पर कहा कि दो तरह से बात नहीं होती है। एक तरफ जान का खतरा होने की बात कही जा रही है तो दूसरी तरफ सीसीटीवी कैमरे की निगरानी को उत्पीड़न माना जा रहा है। जबकि सीसीटीवी कैमरे उनकी सुरक्षा के लिए ही जगह-जगह लगाए गए हैं। डीआइजी के निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान जेल अधीक्षक अरुण कुमार सिंह व जेलर पीके त्रिपाठी भी मौजूद रहे।
इनका ये है कहना:
पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है। कारागार प्रशासन को हर तरह की बेहतर सुरक्षा व्यवस्था को कहा गया है। – डीआइजी, संजीव त्रिपाठी ।
