कानपुर देहात । कानपुर देहात में पुलिस की गुंडागर्दी का एक मामला सामने आया है। जहां पर पुलिस वालों एक दूसरे के ही विरोध पर उतारू हो गए। दरअसल, मारपीट के घटना में पुलिस ने आरोपित किसान को थाने बुलाया और फिर दारोगा ने उसे पीटना शुरू कर दिया। इसका जब वहीं पर मौजूद मुंशी ने विरोध किया तो दारोगा ने उल्टा उसी पर रिवाल्वर तान दी। इसकी जानकारी जब एसपी को हुई तो उन्होंने दोनों दारोगा को निलंबित कर दिया। दोनों के खिलाफ थाने में मुकदमा भी दर्ज किया गया। देवराहट के सुजौर गांव में दो पक्ष में विवाद हुआ था। इसमें किसान प्रमोद आरोपित था और मुकदमा दर्ज हुआ था।
गुरुवार रात को दारोगा अनिल भदौरिया व दिवाकर पांडेय उसे पकड़कर थाने लाए थे। जहां उसे पीटना शुरू किया तो मुंशी रामकिशन ने विरोध जताया। मुंशी का आरोप है कि अनिल भदौरिया ने इस पर सॢवस रिवाल्वर तान दिया। इससे थाने में खलबली मच गई। पूरे प्रकरण की जानकारी एसपी केके चौधरी को दी गई। उन्होंने पूरे वाकये की जानकारी की और फिर दोनों दारोगा को निलंबित कर दिया। इसके अलावा रिपोर्ट दर्ज करने के भी निर्देश दिए। इसके बाद किसान से तहरीर लेकर मारपीट व एससीएसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया। वहीं दारोगा अनिल पर इससे पहले एक वकील को धमकाने का आरोप लग चुका है। एसपी केके चौधरी ने बताया कि दोनों को निलंबित कर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
