बलात्कारियों को सज़ा ए मौत की मांग को लेकर प्रदर्शन

कानपुर 04 सितंबर दिल्ली के लाजपत नगर उपायुक्त कार्यालय में सिविल डिफेंस में कार्यरत 21 वर्ष युवती के साथ गैंगरेप कर दर्दनाक हत्या करने वालों को फाँसी देने, पीड़ित परिवार को 1 करोड़ की आर्थिक सहायता देने व मामले की उच्चस्तरीय जाँच कराने की मांग को लेकर मोहम्मदी यूथ ग्रुप ने जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर अपना गुस्सा जताया उसके बाद जिलाधिकारी आलोक तिवारी से एक प्रतिनिधि मंडल मिला व प्रधानमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन प्रेषित किया।

मोहम्मदी यूथ ग्रुप के पदाधिकारी में रेप के गुनाहगारों व सरकारों की लापरवाही के खिलाफ गुस्सा था उन्होंने जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर अपना गुस्सा जताया वो हाथों मे तख्तियां लिए थे जिसमें वहशियों को फाँसी दो, वहशियों की एक सज़ा फाँसी, गुड़िया व वहशी हरकत के शिकार सभी को इंसाफ दो, संसद के शीतकालीन सत्र में फाँसी का कानून बनाओं, पीड़ितों को इंसाफ पीड़ित परिवारों की मदद करें, ऐसा तो न था हमारा देश, पुलिस की जवाबदेही तय हो, रेप पर लगाम न लगाने वाले राज्यों की सरकार को बर्खास्त करों, फाँसी का कानून कब ?, अब बस!, लिखा था उनमे गुस्सा था वो ज़ोरदार नारेबाजी कर रहे थे।
प्रदर्शन के बाद ग्रुप के अध्यक्ष इखलाक अहमद डेविड के नेतृत्व मे एक प्रतिनिधि मंडल जिलाधिकारी से मिला व उनको अवगत कराया कि हमारे मुल्क को क्या हो गया है जिस मुल्क से इंसानियत तहज़ीब की मिसाले पूरी दुनियां के मुल्कों मे दी जाती हो वो मुल्क अब वहशियाना हरकतों के लिए मशहूर हो रहा है। वहशी हरकत करने वालो को फाँसी की सज़ा का कानून बनाने ऐसी घटनाओं पर राज्य सरकारों का नरम रुख से हालात और खराब हो रहे है घटनाओं पर लगाम न लगाने वाली राज्य सरकारों को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लगा देना चाहिए। दिल्ली के लाजपत नगर उपायुक्त कार्यालय में सिविल डिफेंस में कार्यरत 21 वर्ष की युवती (गुड़िया) के साथ गैंगरेप के बाद 26 अगस्त की रात फरीदाबाद के सूरजकुंड पाली रोड पर दर्दनाक तरह से उसकी हत्या कर शव फेंक दिया गया उस पर 50 से भी ज़्यादा बार चाकू से वार कर अंजाम दिया गया। घटना से देश की बेटियों की रुह कांप गयी पूरे देश मे इस ह्रदय को झंकझोर देने वाली मानवता को शर्मसार करने वाली घटना के खिलाफ गम व गुस्सा है। मासूम व नाबालिग बच्चियों के साथ रेप पर फाँसी की सज़ा का कानून बनने के 3 साल से भी ज़्यादा समय गुज़र जाने के बाद भी उसका लागू न होना सरकार की नाकामी ही बयां करती है।
प्रतिनिधि मंडल ने कहा कुछ बिंदुओं पर सरकार कदम उठाये जिससे वहशियों पर लगाम लग सकती है। 1. पुलिस के संसाधनों की कमी को दूर किया जाए 2. रेप केसों को फास्ट ट्रैक कोर्ट देश के प्रत्येक जिले मे होना अति आवश्यक हो जिससे वहशियों को जल्द से जल्द सज़ा मिले। 3. पुलिस की जवाबदेही तय हो 4. बेटियों को आत्मरक्षा के लिए विशेष ट्रेनिंग सेंटर खुले। सिविल डिफेंस वालंटियर को जल्द न्याय मिले व जितने भी रेप के गुनाहगार है उन्हे तुरन्त फाँसी दी जाए। पीड़िता के परिवार को 1 करोड़ की आर्थिक सहायता देने के साथ इस मामले की उच्चस्तरीय जाँच कराना ज़रुरी है। अगर ऐसे ही हालात रहे तो देश की कानून व्यवस्था कभी भी खराब हो सकती है।
प्रतिनिधि मंडल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा जिलाधिकारी महोदय ने पूरी बातों को ध्यानपूर्वक सुना व ज्ञापन को आज ही प्रधानमंत्री कार्यालय भेजने का भरोसा दिया।
प्रतिनिधि मंडल व ज्ञापन मे इखलाक अहमद डेविड, अयाज़ अहमद चिश्ती, सैय्यद मोहम्मद फैज़, शफाअत सुसैन डब्बू, एजाज़ हुसैन, महबूब आलम खान, शबनम आदिल, सैफी खान, हसीना बेगम, इमरान पठान, रिज़वान अहमद, शाहरुख खान, परवेज़ सिद्दीकी, अतीक अंसारी, एजाज़ रशीद, मोहम्मद हसीन खान आदि लोग मौजूद थे।

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