सचिव राजस्व से हुई एक घण्टे लम्बी वार्ता

 

सीजनल अमीनों व अनुसेवकों के विनियमितिकरण के लिए शासन जिलों से मांगेगा सूची

 

उत्तर प्रदेश में 2361 सीजनल अमीन व 2547 अनुसेवक हैं विनियमितिकरण के लिए शेष

 

जिलाधिकारी नहीं मानते शासन व राजस्व परिषद का आदेश

 

 

 

कानपुर। उत्तर प्रदेश संग्रह सीजनल अमीन कर्मचारी सेवक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार कि सचिव राजस्व श्री राम केवल के साथ एक घण्टे चली लम्बी वार्ता के बाद शासन ने जिलों से विनियमितिकरण के लिए शेष बचे सीजनल अमीनों व अनुसेवकों की सूची नाम सहित मंगाकर विनियमितिकरण के लिए विचार करने का निर्णय लिया है। जल्द जिलाधिकारियों को शासन पत्र जारी कर 15 दिनों में सूची भेजने का आदेश जारी करेगा।

राजस्व संग्रह सीजनल अमीन कर्मचारी सेवक वेलफेयर उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार को राजस्व सचिव राम केवल को अचानक वार्ता के लिए बुलाया और सीजनल अमीनों व अनुसेवकों के विनियमितिकरण में आ रही समस्या जानने का प्रयास किया। प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार शासन को बराबर विनियमितिकरण के लिए पत्र भेज रहे थे। वीरेन्द्र कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश में 2361 सीजनल अमीन व 2547 सीजनल संग्रह अनुसेवक उत्तर प्रदेश में विनियमितिकरण के लिए शेष है। पांच हजार से ज्यादा अमीनों के व चार हजार से ज्यादा अनुसेवकों के पद खाली हैं इसके बावजूद जनपदों में जिलाधिकारी सीजनल अमीनों व अनुसेवकों का विनियमितिकरण नहीं कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश में सौ से ज्यादा सीजनल अमीन व अनुसेवक विनियमितिकरण के बगैर भगवान को प्यारे हो गए हैं। वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि जिलाधिकारी शासन व राजस्व परिषद के आदेश को नहीं मानते हैं। जिसका जिता जागता उदाहरण है 13 मई को राजस्व परिषद ने सभी जिलाधिकारियों को विनियमितिकरण का आदेश दिया था सिर्फ तीन जिलों को छोड़कर किसी जिलाधिकारी ने विनियमितिकरण की कार्यवाही नहीं की है । वीरेन्द्र कुमार ने बताया कि शासन ने विनियमितिकरण के लिए सकारात्मक पहल शुरू किया है । जल्द ही इसके परिणाम आने कि सम्भावना है। जिलों से शासन में सूची आने के बाद जिलों के सीआर ए सूची में हेर फेर नहीं कर सकेंगे।

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