कानपुर में आईआईटी असिस्टेंट प्रोफेसर को बुलाया गया। इस दौरान उन्होंने आने वाले तीन से चार महीने में एक बार फिर से कोरोना के आने की संभावना जताई है।
आईआईटी कानपुर के असिस्टेंट प्रोफेसर राजेश रंजन ने कहा है कि कोविड की तीसरी लहर अक्टूबर या नवंबर में आने की आशंका है। यह भी संभव है कि दूसरी लहर की तरह ही अचानक मरीज बढ़ जाएं। लोगों में एक साथ लक्षण दिख सकते हैं। वैक्सिनेशन का असर यह होगा कि गंभी मरीजों की संख्या बहुत कम रह जाएगी। माइल्ड या मॉडरेट केस काफी होंगे। एक सवाल के जवाब में रंजन ने कहा कि मास्क का भरपूर इस्तेमाल कर लोग तीसरी लहर का प्रभाव कम कर सकते हैं। बच्चों के संक्रमित होने की बात कहने का आधार सिर्फ यह है कि बच्चों को अब तक वैक्सीन नहीं लगी है। उत्तर प्रदेश में बड़ी आबादी तक वारयस नहीं पहुंचा है। ऐसे में कारोना वायरस में आ रहे बदलाव को समझने के लिए सरकार को क्षेत्रवार सीरो-सर्वे करवाने चाहिए। उत्तर प्रदेश में प्रति एक लाख आबादी पर 10 मरीजों की मौत हुई, जबकि ब्राजील में इतनी ही आबादी पर 260 मौतें हुईं।
