अवैध निर्माण को लेकर जलकल और मेट्रो आमने-सामने

महापौर ने खड़े होकर अवैध निर्माणों को ध्वस्त कराया गया
Tue, 07 Sep 2021
कानपुर में जलकल कालोनी बेनाझाबर में निर्माण को लेकर उप्र मेट्रो रेल कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीएमआरसी) और जलकल विभाग आमने सामने आ गए हैं। यूपीएमआरसी ने मेट्रो निर्माण में आड़े आ रहे जलकल कालोनी बेनाझाबर के कुछ निर्माण गिरा दिए थे। अब वहां फिर से निर्माण शुरू कराया था। जलकल के रोकने के बाद भी निर्माण होता रहा। कमरे बनाने के लिए दीवारें खड़ी कर दीं। मामला महापौर प्रमिला पांडेय तक पहुंचा कि अवैध निर्माण को पक्का किया जा रहा है तो उन्होंने सोमवार को मौके पर पहुंच दस कमरों की बन रही दीवारों को बुलडोजर से गिरवा दिया। कहा कि किसी भी हाल में अवैध निर्माण नहीं होने दिया जाएगा।

यूपीएमआरसी ने जून 2021 में मेट्रो निर्माण के लिए कालोनी में बने स्टाफ क्वार्टर गिरा दिए थे। इसमें कई अवैध कब्जेदारों के भी थे। 30 निर्माण गिराने के साथ ही रहने वाले परिवारों को तीन माह का किराया देकर निर्माण का आश्वासन दिया। अब यूपीएमआरसी ने निर्माण शुरू कराया, जिसे लेकर जलकल ने आपत्ति जताई और पत्र भी दिया, लेकिन निर्माण जारी रहा। सोमवार को महापौर ने जलकल महाप्रबंधक को नगर निगम कार्यालय बुलाया। अफसरों ने बताया कि रोके जाने के बाद भी निर्माण हो रहे हैं। इस पर महापौर जलकल महाप्रबंधक नीरज गौड़, सचिव केपी आनंद और नगर निगम के प्रवर्तन प्रभारी कर्नल आलोक नारायण के साथ मौके पर पहुंच गई। आधा घंटे में बुलडोजर लगाकर निर्माण गिरा दिया। शाम को फिर से निर्माण होने की जानकारी मिलते ही महापौर ने मौके पर पहुंच फिर निर्माण गिरवा दिया और दो लोगों को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। थाना प्रभारी स्वरूप नगर अश्विनी पांडेय के मुताबिक महापौर ने दो लोगों को थाने भेजा था। उनको बैठाया गया है।

जिम्मेदार बोले

जलकल विभाग की संपत्ति है। उस पर पहले बिना जलकल की सहमति के बाउंड्रीवाल और अन्य कब्जे तोड़ दिए। अब झोपड़ी की जगह पक्के निर्माण बनाकर दिए जा रहे हैं। सड़क की जगह भी घेर ली गई। इसकी जानकारी पर अवैध निर्माण गिरा दिए गए। दो लोगों को पकड़कर पुलिस को सौंपा है।

प्रमिला पांडेय, महापौर

किसी भी कालोनी या निवास को वैध या अवैध घोषित करना यूपीएमआरसी के अधिकार क्षेत्र में नहीं है। बेनाझाबर के पास यूगर्डर रखने के लिए जगह की कमी थी, जिसके चलते अस्थायी रूप से कुछ मकान ध्वस्त किए गए थे, ये सभी मकान पक्के थे। उनमें रहने वालों के आधार कार्ड और बिजली बिल का रिकार्ड यूपीएमआरसी के पास है। यूपीएमआरसी अपनी पालिसी के अनुसार, ध्वस्त किए गए मकान बनाकर देने के लिए उत्तरदायी है। यह विश्वसनीयता से जुड़ा मामला है।

– पंचानन मिश्रा, उपमहाप्रबंधक जनसंपर्क, यूपीएमआरसी

यूपीएमआरसी ने जब तोड़फोड़ शुरू की थी तभी आपत्ति जताई थी, उसके बाद भी बाउंड्रीवाल और अन्य निर्माण तोड़ दिए गए। अब वहां पर झुग्गी झोपड़ी में रहने वालों को पक्के निर्माण करके दिए जा रहे हैं। इसे लेकर पत्र भी लिखा गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई और न ही सूची दी गई। भविष्य में दिक्कत जलकल को होगी। अवैध कब्जेदारों को नोटिस दी गई है। इसके अलावा सड़क की जगह भी अंदर कर दी है। इसकी जांच कराई जाए।

नीरज गौड़, जलकल महाप्रबंधक

बेनाझाबर में बने निर्माण की जांच कराई जाएगी। गलत बने हैं तो उनको रोका जाएगा। मेट्रो ने पिछले दिनों जो रूट पर निर्माण गिराए हैं, वो उन्हीं का निर्माण करा रहा है।

आरआरपी सिंह, प्रवर्तन प्रभारी, केडीए

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