56 दिनों से बंद कानपुर और गोरखपुर जू आज से दर्शकों के लिए खुले
बर्ड फ्लू के फैलने से हुए वन्य जीवों की मौत के कारण जू को बंद कर दिया गया था.
जिले में बर्ड फ्लू के चलते 56 दिन तक बंद रहने के बाद कानपुर और गोरखपुर चिड़ियाघर मंगलवार से दर्शकों के लिए खुल जाएंगे. 13 मई की दोपहर अचानक ही जब कानपुर जू में बर्ड फ्लू के फैलने की जानकारी प्रशासनिक अफसरों के सामने आई थी, तो फौरन ही शासन के निर्देश पर कानपुर जू को दर्शकों के लिए बंद कर दिया गया था. इसके बाद लगातार बर्ड फ्लू संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए जहां प्रशासनिक अफसरों ने कवायद की. वहीं कुछ वन्यजीवों की जू परिसर के अंदर मौत भी हुई. हालांकि 17 जून को भोपाल स्थित नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ हाई सिक्योरिटी एंड डिजीज की ओर से आई मृत म वन्य जीवों की नेगेटिव रिपोर्ट के बाद अब जू खोल दिया जाएगा, इसकी पुष्टि जू के प्रशासनिक अफसर नावेद इकराम ने की है.30 मार्च को रेस्क्यू कर आए बाघ केसरी की मौत हो गई थी. जिसके बाद एक के बाद एक भेड़िया भैरवी, बाघिन शक्ति, तेंदुआ मोना की मौत हो गई थी. दर्शकों के आने से पहले चिड़ियाघर प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है. बर्ड फ्लू की वजह से करीब दो माह तक बंद रहने के बाद गोरखपुर चिड़ियाघर मंगलवार से दर्शकों के लिए खुल जाएगा. शासन से अनुमति मिलने के बाद सोमवार को चिड़ियाघर प्रशासन की ओर से इसका आदेश जारी कर दिया गया. सुबह 9 से शाम 5 बजे तक प्राणि उद्यान में वन्यजीवों के दीदार किए जा सकेंगे. 13 मई की दोपहर में कानपुर जू को जब प्रशासनिक अफसरों ने अचानक ही बंद कराया था, तो सैकड़ो दर्शकों को वापस लौटना पड़ा था. ऐसे में प्रशासनिक अफसरों ने फैसला किया है, मंगलवार को उन दर्शकों को भी प्रवेश दिया जाएगा, जिन्होंने 13 मई को अपनी टिकट खरीदी थी, तो उन्हें मंगलवार को जू में आकर टिकट नहीं खरीदनी पड़ेगी. हालांकि जो दर्शक मंगलवार को ही वन्य जीवों का दीदार करने के लिए पहुंचेंगे उन्हें जू की टिकट खिड़की से खरीदनी होगी. उसके बाद ही उन्हें प्रवेश दिया जा सकेगा. संक्रमण को देखते हुए दर्शकों को किसी तरीके का सामान ले जाने की अनुमति नहीं दी जायेगी. वहीं जू के अंदर बनाए गए सभी नियमों का पालन भी करना होगा.कानपुर जू में बर्ड फ्लू फैलने के बाद जहां बब्बर शेर पटौदी के बाद उल्लू शीतल, मोर सुर्खाब, समेत अन्य वन्य जीवों की मौत हुई थी, वहीं दर्शकों के न पहुंचने से वन्य जीवों का जो व्यवहार था, उसमें बहुत अधिक बदलाव आ गया था. कानपुर जू के डॉक्टर्स का कहना था कि आम दिनों में जब दर्शकों की संख्या अधिक होती है, तो कहीं ना कहीं इसका असर वन्य जीवों के व्यवहार पर पड़ता है और वन्य जीव सामान्य तौर पर थोड़े से डरे और सहमे रहते हैं. हालांकि जितने दिन जू बंद रहा उतने दिन कई वन्य जीवों का बाड़े में खुशनुमा अंदाज दिखा. जू के डॉक्टर्स ने कहा इस समय जो मौसम चल रहा है, उसमें भी गर्मी बहुत अधिक है. इसलिए अधिकतर वन्य जीव बाड़े के अंदर ही रहते हैं.हालांकि जब दर्शकों की चहल पहल होगी तो निश्चित तौर पर वन्य जीव सामने आएंगे और दर्शक उन्हें देख सकेंगे.
