कानपुर
शहर में शनिवार रात शोक की लहर दौड़ गई, जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आध्यात्मिक गुरु और संत समाज की प्रतिष्ठित विभूति हरिहर दास महाराज उर्फ संतोष द्विवेदी का निधन हो गया। उनका निधन श्याम नगर स्थित उनके आवास पर हुआ। वे 80 वर्ष के थे। गुरुजी के निधन की खबर से पूरे क्षेत्र में श्रद्धालुओं और शिष्यों में शोक की लहर है। लोग रातभर आश्रम के बाहर जमा होकर भजन-कीर्तन और जप करते रहे। गुरुजी का अंतिम संस्कार रविवार को बिठूर के बैकुंठपुर घाट पर किए जाने की संभावना है। जानकारी शनिवार रात लगभग 8 बजे संतोष द्विवेदी की तबीयत अचानक खराब हुई। उन्हें तुरंत 7 एयर फोर्स हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वह अपनी दो बेटियों अंजू मिश्रा (निवासी श्याम नगर बी ब्लॉक) और संगीता मिश्रा (निवासी बर्रा, विश्व बैंक) के साथ रहते थे। गुरुजी की पत्नी मिथलेश द्विवेदी का निधन पहले ही 22 जून 2021 को हो गया था। पत्नी के जाने के बाद से दोनों बेटियाँ ही उनकी सेवा में लगी रहीं।उनके निधन की खबर मिलते ही श्याम नगर स्थित हरिहर धाम के बाहर बड़ी संख्या में भक्त और श्रद्धालु इकट्ठा हो गए। आश्रम के बाहर ‘हरे राम, हरे कृष्ण’ और ‘ओम नमः शिवाय’ के जप करते हुए भक्तों की आंखों में आंसू थे। पुरुषों के साथ महिलाएं भी देर रात तक कीर्तन में जुटी रहीं। कारों और बाइकों से आने वालों की भीड़ इतनी बढ़ गई कि सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। पुलिस को स्थिति नियंत्रण में लाने के लिए गार्डों को अंदर भेजना पड़ा। एसीपी चकेरी अभिषेक पांडे खुद मौके पर पहुंचे और मदर एंड चाइल्ड स्कूल से वीरेंद्र स्वरूप स्कूल तक बैरिकेडिंग करवाई गई।हरिहर दास महाराज रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के गुरु माने जाते थे। गुरुजी का राजनीतिक और आध्यात्मिक दोनों ही क्षेत्रों में विशेष प्रभाव रहा है। माना जा रहा है कि रविवार को रक्षा मंत्री कानपुर पहुंच सकते हैं और अपने गुरु को अंतिम विदाई दे सकते है।
