Wed, 08 Sep 2021
पान मसाला में हानिकारक पदार्थों की मिलावट का शक, 41 लाख का माल सीजपान मसाला में हानिकारक पदार्थों की मिलावट का शक, 41 लाख का माल सीज
कानपुर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने पान मसाला उद्योग से जुड़े सात कंपनियों के कारखाना और गोदामों में छापेमारी की। छह कारोबारियों के यहां 41 लाख से अधिक का पान मसाला, कत्था, सुपाड़ी, मुलैठी पाउडर, फ्लेवर कंपाउंड, मैग्नीशियम कार्बोनेट आदि सीज किया। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को पान मसाला में कत्था की जगह गैंबियर और मुलैठी की जगह कोई अन्य पदार्थ व घटिया किस्म का फ्लेवर कंपाउंड मिलाने का शक है। यही वजह है कि पान मसाला, कत्था पाउडर, फ्लेवर कंपाउंड, मैग्नीशियम कार्बोनेट आदि के 43 नमूने लिए गए। यह कार्रवाई रात नौ बजे तक चलती रही। अभिहित अधिकारी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि टीपी नगर स्थित प्रेम कुमार गुप्ता की मेसर्स डे एंड कंपनी के यहां से मैग्नीशियम कार्बोनेट , पान मसाला के पैकेट, कत्था, मुलैठी पाउडर आदि सीज किया गया। जिनकी कीमत करीब 191700 रुपये है। किदवई नगर स्थित अनुराग तिवारी की एवी फूड एंड केमिकल्स के यहां गोल्ड ब्रांड का पान मसाला बनता है। यहां भी 77600 रुपये का कत्था पाउडर, पान मसाला आदि सीज किया गया। ट्रांसपोर्ट नगर स्थित मेसर्स मां विध्यवासिनी टोबैको प्राइवेट लिमिडेट में मधु ब्रांड का पान मसाला बनता है। यहां 17,45,000 रुपये, तिरंगा ब्रांड पान मसाला बनाने वाली ट्रांसपोर्ट नगर की कंपनी काशी ट्रेडर्स के यहां 325710 रुपये कीमत का पान मसाला, कत्था पाउडर आदि , सर पान मसाला ब्रांड से जुड़े कंपनी प्रभु आस्था इंटर प्राइजेज फजलगंज में भी 494701 कीमत का पान मसाला, दादानगर स्थित मेसर्स एसएनके पान मसाला कंपनी के कारखाना से 1278508 रुपये का पान मसाला, कत्था पाउडर आदि सीज किया। टीपी नगर में शिखर ब्रांड पान मसाला उद्योग से जुड़ी कंपनी मेसर्स त्रिमूर्ति के यहां छापेमारी की नमूने भरे गए।
प्रतिबंधित है मैग्नीशियम कार्बोनेट
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजय सिंह के मुताबिक मैग्नीशियम कार्बोनेट का उपयोग पान मसाला में प्रतिबंधित है, लेकिन पान मसाला का रंग अधिक दिनों तक लाल न हो इसलिए इसमें यह खतरनाक केमिकल पान मसाला में मिलाया जाता है। यह आंत, लीवर, मुख कैंसर का कारक है। गैंबियर भी प्रतिबंधित है। इससे मुख कैंसर, आंतों का कैंसर हो सकता है। इसका उपयोग कत्था के बदले में किया जाता है। पान मसाला में सुगंध अधिक रहे कम कीमत वाले हानिकारक फ्लेवर वाले एसेंस का उपयोग होता है। इसमें तमाम खतरनाक केमिकल होता है।
