कानपुर
हनुमान मंदिर को बड़े की बिरयानी और गोश्त की दुकानों से घेरा
ग्वालटोली में प्राचीन हनुमान मंदिर के अगल-बगल में और सामने धड़ल्ले से बिक रहा कच्चा-पक्का मांस
मठ-मंदिर समिति के जिलाध्यक्ष पहुंचे भक्तों की गुहार पर! डीएम, कमिश्नर और मेयर को देंगे लिखित शिकायत
ग्वालटोली थानाक्षेत्र के एक प्राचीन हनुमान मंदिर को साजिशन बड़े की बिरयानी और गोश्त की कई दुकानों से घेर दिया गया है। भक्तों और श्रद्धालुओं की शिकायत पर शुक्रवार की दोपहर सनातन मठ-मंदिर रक्षा समिति के जिलाध्यक्ष उमेश कुमार तिवारी ‘डब्बू बाबा’’ अपनी टीम के साथ इस स्थान पर पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने संगठन की तरफ से इस हनुमान मंदिर को बचाने के लिये पुलिस-प्रशासन को लिखित में शिकायत देने की बात कही है।
दरअसल परमट मंदिर तिराहे से मछली वाले तिराहे तक जाने वाली सड़क पर स्थित नवाब साहब के हाते के सामने एक पुराना हनुमान मंदिर है। यहां पर रोजाना, खासकर मंगलवार और शनिवार को कई श्रद्धालू दर्शन-पूजन क लिये आते हैं। पिछले कुछ वर्षों से इस मंदिर के एकदम बगल में अनवर नाम का शख्स बड़े की बिरयानी और कच्चा मांस बेंच रहा है। हनुमान मंदिर पर ये कोई अकेली बड़े के गोश्त की दुकान नहीं, मंदिर के ठीक सामने तो इससे भी बड़ा मामा बिरयानी रेस्टोरेंट है। मामा बिरयानी वाले की बड़े की बिरयानी मशहूर है, जहां रोजाना सैकड़ों लोग बड़े की बिरयानी और कच्चा मांस खरीदने को लाइनें लगाते हैं। खुद मंदिर वाली लाइन में, नवाब हाते के पहले गेट के सामने पशु तस्कर छिद्दू खुद भी कसाई की दुकान भी है। मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं ने कच्चे-पक्के मांस की इन दुकानों से आजिज आकर सनातन मठ-मंदिर रक्षा समिति से गुहार लगाई है। बता दें कि इसी मठ-मंदिर समिति ने शहर के घनी मुस्लिम आबादी वाले इलाके में दब कर बंद कर दिये गये या अतिक्रमण का शिकार हो चुके 125 मंदिरों को बचाने की मुहिम छेड़ रखी है। कई मंदिरों का जीर्णोद्धार भी कराया है। अभियान में पुलिस-प्रशासन के साथ खुद भी कानपुर की मेयर भी जुड़ी हैं।
संगठन के अध्यक्ष उमेश तिवारी डब्बू ने बताया कि मंदिर के आसपास अक्सर जानवरों के अवशेष पड़े मिलने की शिकायतें आई हैं। मंदिर के बगल में, सामने और पास ही कच्चे-पक्के मांस की दुकानें होना बेहद आपत्तिजनक और संवेदनशील मामला है। जल्द ही मामले की लिखित शिकायत जिलाधिकारी, पुलिस कमिश्नर और मेयर से करके मांस की दुकानें हटवायेंगे। आरोप है कि आपत्ति करने पर दुकानदारों की तरफ से कुख्यात तस्कर और उसके गुर्गे धमकाते हैं। बता दें के कारोना काल में मांस पर प्रतिबंध के बावजूद प्रतिबंधित बड़े जानवरों की तस्करी के आरोप में पुलिस ने दो बार विक्रेेता छिद्दू को अरेस्ट किया था।वो इलाके में मांस का बड़ा सप्लायर बताया जा रहा है। मंदिर के पास अभी भी अपनी 20 गज कीमती जमीन बची है। आरोप है कि मंदिर को मांस की दुकानों से घेरकर यहां श्रद्धालुओं को आने से रोककर जमीन को हड़पने की साजिश है। अनवर की बिरयानी की दुकान जिस मकान में है वो भी कुख्यात पशु तस्कर छिद्दू गोश्त वाले का है।
