बैंक राष्ट्रीयकरण की 56वीं वर्षगाँठ धूमधाम से मनाई गई

 

राष्ट्रीयकृत बैंकों के निजीकरण के विरुद्ध संघर्ष जारी रखने का संकल्प

 

 

कानपुर । ऑल इंडिया बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन के आवाहन पर आज नगर की सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों के साथ ही पंजाब नेशनल बैंक, कानपुर मंडल की सभी शाखाओं में बैंक राष्ट्रीयकरण की 56वीं वर्षगाँठ धूमधाम से मनाते हुए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की रक्षा करने का संकल्प लिया गया।

पंजाब नेशनल बैंक स्टाफ एसोसिएशन के चेयरमैन अनिल सोनकर , मंत्री डी के सती एवं पूर्व सहायक महामंत्री पंधारी लाल वर्मा ने बैंक की मुख्य शाखा बिरहाना रोड में ग्राहकों एवं कर्मचारियों को लड्डू वितरित करते हुए संकल्प लिया कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की रक्षा और निजीकरण के प्रयासों के विरुद्ध संघर्ष जारी रखा जाएगा । राष्ट्रीयकृत बैंकों का योगदान अभूतपूर्व है लेकिन सरकार कारपोरेट के दबाव में बैंकों का निजीकरण करना चाहती है । इसके साथ ही सरकार से मांग है कि आईडीबीआई बैंक की बिक्री रोकी जाए एवं बेहतर ग्राहक सेवा देने के लिए पर्याप्त भर्ती की जाए।इन नेताओं ने दावा किया कि निजी कॉरपोरेट कंपनियों को दिए गए विशाल ऋण के चुकता नहीं करने के कारण बैंकों का एनपीए बढ़ कर 2 लाख 90 हज़ार करोड़ हो गया है । इसी तरह से बैंकों द्वारा कड़ी मेहनत से 2024 – 25 में अर्जित 3 लाख 13 हजार करोड़ के लाभ में से 1लाख 26 हज़ार करोड़ का एनपीए का प्रावधान कर देने से बैंकों का लाभ घटकर 1 लाख 87 हजार करोड़ रह गया है । इन अशोध्य ऋणों , एन पी ए एवं बट्टे खाते में रकम डालने से बैंकों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। यह भी मांग की गई कि जानबूझकर कर ऋण नहीं चुकाने वालो को अपराधी घोषित किया जाय और इसे दंडनीय अपराध की श्रेणी में लाकर जनता के पैसों की लूट रोकी जाय।

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