कानपुर नगर

 

रूमा मंडी व्यापारियों का फूटा गुस्सा, रामादेवी में दोबारा लगी मंडी से नाराज़

 

सड़क पर फेंकी सब्जियां, प्रशाशन पर लगाए गंभीर आरोप

 

नगर निगम द्वारा रामादेवी से सब्जी मंडी को ट्रैफिक जाम की समस्या को देखते हुए मार्च 2024 में रूमा शिफ्ट किया गया था। उस समय करीब 300 फुटकर विक्रेता नगर आयुक्त शिव शरणप्पा जीएन के निर्देश पर रामादेवी पुल के नीचे से हटकर रूमा स्थित स्थान पर चले गए थे। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट निर्देश दिए थे कि रामादेवी में दोबारा मंडी नहीं लगने दी जाएगी और इसके लिए रोज़ाना प्रवर्तन अभियान चलाया जाएगा।

 

शुरुआत में व्यापारियों ने सहयोग भी किया और थोक विक्रेताओं ने आपसी सहमति से लॉटरी के ज़रिए दुकानों का आवंटन करवाया। लेकिन कुछ ही महीनों में हालात फिर पुराने ढर्रे पर लौट आए। अब एक बार फिर रामादेवी पुल के नीचे थोक मंडी पूरे जोर-शोर से चलने लगी है, जिससे रूमा में शिफ्ट किए गए व्यापारी खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

 

इसी आक्रोश के चलते मंगलवार को रूमा मंडी में व्यापारियों ने विरोध स्वरूप अपनी सब्जियां सड़क पर फेंक दीं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उनके साथ वादा खिलाफी की है और अब रामादेवी में आसानी से सब्जियां मिलने से ग्राहक रूमा नहीं आ रहे हैं, जिससे वे भुखमरी की कगार पर पहुंच चुके हैं। भाकियू जिला अध्यक्ष रवि सिंह और मंडी उपाध्यक्ष बबलू कुशवाहा ने संयुक्त रूप से प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासनिक मिलीभगत से पैसे लेकर रामादेवी से हरजिंदर नगर जाने वाले पुल के नीचे दोबारा मंडी लगवाई जा रही है।

व्यापारी नेता आनंद सिंह ने बताया कि “रूमा में जिन व्यापारियों ने लाखों रुपये लगाकर दुकानें सजाई थीं, वे आज खाली बैठे हैं, जबकि 300 में से 150 व्यापारी वापस रामादेवी चले गए हैं। प्रशासन की निष्क्रियता और अवैध वसूली के चलते थोक मंडी दोबारा वहीं संचालित होने लगी है। यह व्यापारियों के साथ खुला धोखा है।”

 

व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो वे अपने परिवार के साथ सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे और प्रशासन से न्याय मांगेंगे।

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