डेंगू से आशा कार्यकर्ता व बुखार से पांच की मौत

कल्याणपुर के निजी अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम –
Fri, 10 Sep 021
कानपुर में डेंगू और बुखार का कहर थम नहीं रहा। कल्याणपुर ब्लाक के कुरसौली गांव की आशा कार्यकर्ता ने डेंगू की चपेट में आकर गुरुवार दोपहर दम तोड़ दिया। उनका निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। उसके पति के मुताबिक निजी अस्पताल में डेंगू की पुष्टि हुई थी। कुरसौली गांव में डेंगू और वायरल बुखार से यह आठवीं मौत है। वहीं, एलएलआर अस्पताल की इमरजेंसी में बुखार से करबिगवां गांव की युवती समेत पांच ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

कुरसौली निवासी शिवबालक की 38 वर्षीय पत्नी लक्ष्मी गौतम आशा कार्यकर्ता थीं। शिवबालक ने बताया कि शनिवार से बुखार था, उनके प्लेटलेट काउंट लगातार कम हो रहे थे। कल्याणपुर के एक निजी हास्पिटल में भर्ती कराया था। बुधवार रात उसकी हालत बिगड़ गई। रात में ही उन्हें शारदा नगर स्थित निजी हास्पिटल ले गए, जहां गुरुवार दोपहर मौत हो गई। वहीं, एलएलआर अस्पताल की इमरजेंसी में गंभीर स्थिति में पांच मरीज आए, उसमें काकादेव निवासी 26 वर्षीय मालती को तेज बुखार आया था। उसके बाद उल्टियां होने पर बेसुध हो गईं। इमरजेंसी में मृत स्थिति में आईं। फतेहपुर के 45 वर्षीय शिवमंगल के सांस नली में इंफेक्शन और बुखार होने से मौत हो गई। चकेरी निवासी 58 वर्षीय महेश शर्मा इमरजेंसी लाए गए थे। उन्हें कई दिनों से तेज बुखार आ रहा था। उन्होंने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। रानीघाट गौशाला निवासी 61 वर्षीय दिनेश बाजपेई को गंभीर स्थिति में इमरजेंसी लेकर आया गया था, इलाज के दौरान उनकी भी सांसें थम गई। करबिगवां निवासी सीमा गंभीर स्थिति में आइसीयू में भर्ती थी। उसने सुबह दम तोड़ दिया।

गांव के 45 बुखार पीड़ित भर्ती

ग्रामीणों ने बताया कि कुरसौली गांव में बुखार का कहर थम नहीं रहा है। गांव के दो-तीन मरीज रोज निजी अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं। कल्याणपुर, नारामऊ, नौबस्ता, गीता नगर एवं सर्वोदय नगर के निजी अस्पतालों में 45 से अधिक मरीज भर्ती हैं।

प्रमुख सचिव गए, महकमा भी गायब

ग्रामीणों ने बताया कि प्रमुख सचिव अनिल गर्ग के जाने के बाद गांव में नौ और डेंगू संक्रमित मिले हैं। उसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग की टीम झांकने नहीं आई है। ऐसा लगता है कि महकमा ही गायब हो गया है। न एंटी लार्वा स्प्रे कराया जा रहा है और न ही फागिग हो रही है।

30 फीसद ग्रामीणों का पलायन

वायरल बुखार और डेंगू की वजह से गांव में भय एवं दहशत का माहौल है। ग्रामीण घरों में ताला लगाकर रिश्तेदारों के यहां जाने लगे हैं। अब तक 30 फीसद ग्रामीण गांव से जा चुके हैं। उनका कहना है कि हालात सामान्य होने पर ही आएंगे।

राजस्व कर्मचारी बना रहे डाटा

बुखार एवं डेंगू से मौत का आंकड़ा तैयार करने के निर्देश जिला प्रशासन ने दिए हैं। राजस्व विभाग के कर्मचारी बुखार से मरने वालों का आंकड़ा तैयार करने में जुट गए हैं। उन्होंने अपने रिकार्ड में अब तक आठ की मौत का जिक्र किया है।

छह में डेंगू की पुष्टि

गुरुवार देर शाम बिल्हौर तहसील के छह में डेंगू की पुष्टि हुई है। उसमें बरंडा गांव के आलोक कटियार, अल्फिशा, सृष्टि, विमल सिंह, चंडाली गांव के अभिषेक एवं शांति नगर मोहल्ला की गंगा देवी हैं।

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