महिलाओं चप्पल से की एडीओ आईएसबी की पिटाई
कानपुर। भीतरगांव ब्लॉक में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। महिला स्वयं सहायता समूह की समस्याओं ने एडीओ आईएसबी सूरज प्रताप सिंह पर आरोप लगाया कि उन्होंने समूह से करीब ढाई लाख रुपये उनकी अनुमति के बिना निकाल लिए। इसी आरोप को लेकर महिलाओं और एडीओ के बीच विवाद गहराता चला गया। अंततः मामला पुलिस थाने तक पहुंच गया और अब इसकी जांच शुरू हो गई है।
घटना साढ़ थाना क्षेत्र के खदरी गांव में स्थित काली माता महिला स्वयं सहायता समूह की बताई जा रही है। समूह की महिलाओं का कहना है कि उनकी मेहनत और बचत की रकम को बिना पूर्व सहमति एडीओ आईएसबी ने निकाल लिया। इस संबंध में महिलाओं ने पहले ही पुलिस को लिखित शिकायत भी दी थी।
विवाद उस समय बढ़ गया जब महिलाएं एडीओ सूरज प्रताप सिंह से आमने-सामने हुईं। इसके बाद कथित रूप से महिलाओं ने आक्रोशित होकर मुख्य गेट पर ही उनके साथ धक्का-मुक्की की। इस दौरान का वीडियो देर रात सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें महिलाएं एडीओ को थप्पड़ और चप्पल से मारती हुई दिखाई दे रही हैं।इसके बाद एडीओ आईएसबी सूरज प्रताप सिंह सीधे साढ़ थाने पहुंचे और वहां समूह की सदस्याएं भूरी, खुशी, सुनीता, राजेश्वरी, बबीता, रेखा और राजकुमारी समेत अन्य परिजन के खिलाफ नामजद तहरीर दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने सात नामजद और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
थाना प्रभारी अवनीश कुमार सिंह ने बताया कि एडीओ की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। साथ ही, सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।यह पूरा मामला अब कानपुर ग्रामीण प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। एक ओर महिला समूह अपनी मेहनत की पूंजी के लिए न्याय की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकारी अधिकारी अपनी गरिमा और अधिकार की रक्षा की बात कर रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि जांच के बाद सच्चाई किसके पक्ष में सामने आती है।
