कानपुर, 29 अगस्त।

ग्रीन पार्क स्टेडियम में आज राष्ट्रीय खेल दिवस–2025 के अवसर पर वृहद खेल एवं फिटनेस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लखनऊ में आयोजित मुख्य कार्यक्रम का सजीव प्रसारण भी एलईडी स्क्रीन के माध्यम से किया गया।

 

कार्यक्रम का शुभारंभ उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने दीप प्रज्ज्वलित कर और हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचन्द के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया। इसके बाद उन्होंने हॉकी खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और ग्रीन पार्क हॉकी मैदान में मैत्री मैच का शुभारंभ किया।

 

इस अवसर पर विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 10 बालक और 10 बालिका खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया।

बालक वर्ग में सम्मानित हुए— क्रिकेट के विष्णु सरोज (जोनल ट्रॉफी चैंपियन), वॉलीबॉल के इश्प्रीत सिंह (जूनियर नेशनल), फुटबॉल के अभिनव यादव (जूनियर नेशनल), हॉकी के विशाल शर्मा (जूनियर नेशनल), कुश्ती के अतुल दुबे (जूनियर नेशनल), तैराकी के अनन्य अवस्थी (सीबीएसई नेशनल, रजत पदक), खो-खो के देवांश गुप्ता (स्कूल गेम्स अंडर-19), बॉक्सिंग के आदित्य दिवाकर (सब-जूनियर नेशनल), बैडमिंटन के अनिरुद्ध गौड़ (सीबीएसई स्कूल नेशनल) और कबड्डी के सौरभ बाथम (जूनियर नेशनल कैंप प्रतिभागी)।

बालिका वर्ग में कुश्ती की स्वाती (सब-जूनियर नेशनल), टेबल टेनिस की प्रेक्षा तिवारी (सब-जूनियर नेशनल), पावरलिफ्टिंग की रिती कन्नौजिया (सीनियर नेशनल, रजत पदक), ताइक्वांडो की शिवानी नागपाल (खेलो इंडिया प्रतिभागी), जूडो की मनीषा भारद्धाज (सीनियर नेशनल), क्रिकेट की अर्चना देवी (अंडर-19 वर्ल्ड कप विजेता टीम सदस्य), बास्केटबॉल की अमृता (जूनियर स्कूल नेशनल), हैंडबॉल की विशाल्या शर्मा (सीनियर नेशनल, कांस्य पदक), भारोत्तोलन की सना (जूनियर नेशनल एवं खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी कांस्य पदक) और बॉक्सिंग की पलक शुक्ला (जूनियर नेशनल) शामिल रहीं।

 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि खेल जीवन में उत्कृष्टता लाते हैं और राष्ट्र को नई दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने बच्चों से आह्वान किया कि वे खेलों के माध्यम से स्वयं को निखारें और देश का गौरव बढ़ाएँ। उन्होंने कहा कि मेजर ध्यानचन्द जैसी महान शख्सियतें सदियों में जन्म लेती हैं। उनकी हॉकी में गेंद मानो उनकी मर्ज़ी से चलती थी। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने देश का नाम रोशन किया।

 

सांसद देवेंद्र सिंह भोले ने कहा कि खेल भावना राष्ट्रीय एकता और अखंडता को सशक्त बनाती है। खेल न केवल शारीरिक और बौद्धिक विकास को बढ़ाते हैं बल्कि प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी प्रदान करते हैं।

 

सांसद रमेश अवस्थी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय खेल दिवस ऐसे व्यक्तित्व को समर्पित किया है जिन्होंने न केवल देश में बल्कि पूरी दुनिया में भारत का नाम रोशन किया। मेजर ध्यानचन्द ने अपने जीवनकाल में 1000 से अधिक गोल किए और 1928, 1932 तथा 1936 के ओलंपिक खेलों में लगातार तीन स्वर्ण पदक भारत को दिलाए।

 

जिलाधिकारी ने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है। भारतीय संस्कृति में ‘पहला सुख निरोगी काया’ को सर्वोपरि माना गया है। राष्ट्रीय खेल दिवस की संकल्पना मेजर ध्यानचन्द के योगदान को नमन है। 1928 से 1936 के बीच उन्होंने भारत को हॉकी में लगातार स्वर्ण पदक दिलाए और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में 572 से अधिक गोल किए।

 

कार्यक्रम के दौरान खिलाड़ियों और नागरिकों को फिट इंडिया शपथ भी दिलाई गई। मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष स्वप्निल वरुण, विधायक नीलिमा कटियार, विधायक सुरेन्द्र मैथानी, विधायक सरोज कुरील, विधायक राहुल बच्चा सोनकर, अध्यक्ष अनिल दीक्षित, अध्यक्ष उपेंद्र पासवान, अध्यक्ष राम जी, मुख्य विकास अधिकारी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, खिलाड़ी और छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

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