कानपुर

 

ऑपरेशन महाकाल के नायक IPS अखिल कुमार अचानक रिलीव, सवालों के घेरे में आदेश

 

कानपुर। शहर में अपराध सिंडीकेट्स पर नकेल कसने वाले पुलिस कमिश्नर IPS अखिल कुमार को केंद्र सरकार ने तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त करने के आदेश जारी कर दिए हैं। गृह मंत्रालय की ओर से जारी इस लेटर ने कानपुर में हलचल मचा दी है, क्योंकि यह आदेश ऐसे समय में आया है जब वकील अखिलेश दुबे प्रकरण पूरे शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

गृह मंत्रालय के अंडर सेक्रेटरी संजीव कुमार द्वारा यूपी के मुख्य सचिव को लिखे पत्र में निर्देश दिया गया है कि अखिल कुमार को तुरंत रिलीव किया जाए। पत्र की कॉपी डीजीपी, सचिव आईटी मंत्रालय और डीओपीटी को भी भेजी गई है।

कानपुर में पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार ने ऑपरेशन महाकाल के तहत वकील अखिलेश दुबे को जेल भेजा था। दुबे पर जमीन कब्जे और रंगदारी जैसे गंभीर आरोप हैं। कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर दो तस्वीरें तेजी से वायरल हुईं –1. अखिल कुमार और अखिलेश दुबे की पार्टी के दौरान बातचीत की तस्वीर।2. एक कार्यक्रम में अखिल कुमार द्वारा दुबे को सम्मानित करने की तस्वीर।

इन तस्वीरों के सामने आने पर अखिल कुमार ने स्पष्ट किया। “अखिलेश दुबे के सिंडीकेट से जुड़े पत्रकार और अफसर उसकी मदद के लिए सोशल मीडिया पर वार कर रहे हैं। कार्रवाई से पहले वह कई आयोजनों में मिला था, जिन्हें अब गलत संदर्भ में दिखाया जा रहा है। लेकिन कार्रवाई सबूतों और SIT की रिपोर्ट के आधार पर हुई है।”

अखिल कुमार ने 4 जनवरी 2024 को कानपुर पुलिस कमिश्नर का चार्ज लिया। इसके बाद उन्होंने शहर में अपराध और सिंडीकेट्स पर सीधी कार्रवाई शुरू की। पूर्व अध्यक्ष अवनीश दीक्षित को जेल भेजा। दीनू उपाध्याय समेत 12 से अधिक अधिवक्ता जेल पहुंचे।

वकील अखिलेश दुबे को गिरफ्तार कर जेल भेजा।

19 अगस्त को अखिल कुमार ने ऑपरेशन महाकाल पार्ट-2 लॉन्च किया था। इस बार फोकस सफेदपोश अपराधियों और भूमाफियाओं पर है। 20 सेकेंड का आधिकारिक टीजर जारी कर यह संदेश दिया गया कि “कानपुर के दूसरे बड़े माफियाओं की बारी भी जल्द आने वाली है।”

1994 बैच के IPS अखिल कुमार का 25 अगस्त की रात केंद्र सरकार में ट्रांसफर हुआ। उन्हें सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन में MD और CEO की जिम्मेदारी दी गई है। सामान्य प्रक्रिया के अनुसार राज्य सरकार एनओसी जारी कर कार्यमुक्त करती, जिसमें एक महीने तक का समय लग सकता था।लेकिन आश्चर्यजनक रूप से गृह मंत्रालय ने सीधे आदेश जारी कर दिए।

स्थानीय राजनीतिक हलकों में इसे अखिलेश दुबे के प्रभाव से जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं सूत्रों का कहना है कि यह केवल रूटीन प्रक्रिया है, क्योंकि केंद्र में तैनाती आदेश पहले ही जारी हो चुका था।

वरिष्ठ आईपीएस अखिल कुमार नवंबर में डीजी रैंक पर प्रमोशन पाएंगे। फिलहाल वे डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन में नई जिम्मेदारी संभालेंगे। लेकिन कानपुर में उनकी अचानक विदाई ने पुलिस महकमे और आम जनता दोनों को चौंका दिया है।

कानपुर में ऑपरेशन महाकाल से चर्चा में आए पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार का रिलीव होना कई सवाल खड़े करता है। क्या यह आदेश महज प्रशासनिक प्रक्रिया है या फिर अपराध सिंडीकेट्स की ताकत का असर? शहर अब इस सवाल का जवाब तलाश रहा है।

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