कानपुर

 

कानपुर इंदिरा नगर स्थित गौतम बुद्ध पार्क में प्रस्तावित शिवालय पार्क निर्माण को लेकर जारी विवाद अब और अधिक तूल पकड़ता जा रहा है। बौद्ध समाज के साथ-साथ OBC, SC, और ST समुदाय के लोगों ने भारी संख्या में एकत्र होकर भाजपा सरकार और नगर निगम के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

 

इससे पहले कई दिनों से बौद्ध समाज इस निर्माण का विरोध कर रहा था। इसी बीच बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री सुश्री मायावती ने भी इस मुद्दे पर आपत्ति जताई, जिसके बाद नगर निगम प्रशासन बैकफुट पर आ गया। महापौर प्रमिला पांडे ने नगर निगम को फिलहाल निर्माण कार्य रोकने के निर्देश दे दिए हैं।

 

प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी की पूर्व प्रत्याशी रचना सिंह गौतम ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, “जो लोग शिवलिंग या मूर्ति पूजा में विश्वास नहीं रखते, उनके स्थलों पर जबरन ऐसी संरचनाओं का निर्माण करना पूरी तरह अनुचित है।” उन्होंने आगे कहा कि यदि मूर्ति की स्थापना ही करनी है तो बुद्धा पार्क में ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले की मूर्तियों की स्थापना की जाए।

 

रचना सिंह ने यह भी सुझाव दिया कि शिवलिंग की स्थापना के लिए आनंदेश्वर जैसे प्राचीन मंदिर स्थल में करनी चाहिए न कि बुद्धा पार्क जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाले स्थान। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने यह निर्णय वापस नहीं लिया, तो कांग्रेस, सपा और बसपा एकजुट होकर बड़ा आंदोलन करेंगे।

 

कार्यक्रम में रामपाल नागवंशी समेत कई प्रमुख सामाजिक नेताओं ने भी भाजपा सरकार पर तीखे आरोप लगाए। नागवंशी ने कहा, “यह सरकार बौद्ध समाज को खत्म करना चाहती है। यह बार-बार अपना उद्देश्य नहीं, बस तरीका बदलती है। हमें सतर्क रहना होगा।”

 

प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि जो 15 करोड़ रुपए इस शिवालय निर्माण के लिए खर्च किए जा रहे हैं, वह दरअसल बुद्धा पार्क के विकास के लिए स्वीकृत किए जाए। अतः वह धनराशि बुद्धा पार्क में ही खर्च होनी चाहिए। यदि ऐसा नहीं होता है, तो अगला आंदोलन और भी बड़ा होगा, जिसमें ज्ञापन देने के साथ-साथ नगर निगम का घेराव भी किया जाएगा।

 

इस प्रदर्शन में हजारों की संख्या में लोग उपस्थित रहे, जिन्होंने सरकार से बौद्ध स्थलों की गरिमा बनाए रखने की मांग की और स्पष्ट किया कि वे किसी भी कीमत पर अपने धार्मिक स्थलों के स्वरूप को बदलने नहीं देंगे।

 

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